डॉ. मिश्रा ने बताया कि देश में पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। इसके बाद फरवरी के पहले सप्ताह में दो और मरीज मिले थे, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी थी। एक मई तक भारत में संक्रमित मरीजों में 55 देशों में फैलने वाले कोरोना के 10 स्ट्रेन मिले हैं। इनमें ए1ए, ए2ए, ए2, ए3, ए3आई, बी, बी1 और बी4 शामिल हैं। इन सभी को क्लैड नाम दिया है जिनसे वैज्ञानिक इनकी पहचान कर रहे हैं।
लेकिन 22 मई के बाद से जितने भी सैंपल पर अध्ययन किया गया उनमें से अधिकांश में ए2ए मिला है। वहीं, कुछ में बी4 भी पाया गया है। इसी माह जून की बात करें तो लगभग सभी मरीजों में एक जैसा ए2ए स्ट्रेन मिला है। उन्होंने बताया कि जून के पहले सप्ताह में अलग अलग राज्य से 62 सैंपल लिए गए। दूसरे सप्ताह में भी 62 सैंपल ही लिए गए। इन 124 में से 120 सैंपल में ए2ए स्ट्रेन मिला है।