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पहली बार भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित फेलुदा किट्स से दुनिया भर में होंगे कोरोना टेस्ट

Wed, 11 Nov 2020 06:32 AM IST
Kuldeep Singh परिक्षित निर्भय, नई दिल्ली 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस की जांच के लिए भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित फेलुदा जांच किट को अब दुनियाभर में उपलब्ध कराने पर काम शुरू हो चुका है। पहली बार भारत में खोजी और निर्मित कोविड-19 जांच किट का दुनिया भर के देशों में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए हर माह 10 लाख किट्स की क्षमता के साथ उत्पादन का कार्य शुरू हो चुका है दिसंबर में यह बाजार में आ जाएगा।

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हर महीने 10 लाख किट्स का निर्माण हुआ शुरू 
टाटा समूह के स्वास्थ्य सेवा कंपनी टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड (टाटाएमडी) के सीईओ ग्रीस कृष्णमूर्ति ने बताया कि टाटा एमडी फेलुदा किट को बनाने का कार्य कर रही है। इसे 'टाटाएमडी' चेक नाम दिया गया है। क्रिस्पर कैस-9 प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए सीएसआईआर और नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के वैज्ञानिकों ने इसकी खोज की थी। यह दुनिया का पहला क्रिस्पर कैस-9 पर आधारित नैदानिक उपकरण है जिसे विश्व स्तर पर लांच किया जा रहा है।

सीएसआईआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि कोरोना से जुड़े कार्यों में काफी तेजी आई है। इसका उदाहरण फेलुदा जांच किट भी है। इसकी लाइसेंसिंग से लेकर कमर्शियल लांच तक पूरा काम महज 100 दिन में पूरा हुआ है। जल्द ही इसे देश के नैदानिक केंद्रों व अस्पतालों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
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पहली बार कोविड जांच में एआई तकनीक का इस्तेमाल
वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि यह प्रयोगशाला में किया जाने वाला परीक्षण है जिसमें क्रिस्पर-कैस 9 प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाता है। मरीजों के सैंपल लेने के बाद आरएनए एक्सट्रैक्शन और एमप्लीफिकेशन आदि की प्रक्रिया पहले की तरह ही होती है लेकिन सरल, कम खर्चीले उपकरण का उपयोग किया जाता है। गौर करने वाली बात है कि एआई पर आधारित स्वचालित पद्धति से परिणामों का पता लगाया जाने के कारण यह तेजी से परिणाम देता है।

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