कोरोना संकट का असर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। सोशल डिस्टेंसिंग और बूथों पर भीड़ कम करने के लिए चुनाव आयोग ने पोस्टल बैलेट से मतदान की आयु को 80 साल से घटाकर अब 65 साल कर दी है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद चुनाव आयोग इसे आगामी चुनावों से लागू कर देगा। इन बदलावों के अनुसार कोरोना पॉजीटिव और होम क्वारंटाइन रहने वाले घर से ही मतदान कर सकेंगे।
इस सुविधा के चलते अब 65 साल तक लोग भी घर बैठे पोस्टल बैलेट की मदद से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने इस प्रस्ताव को केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद बदलाव को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। आयोग ने इसके गजट नोटिफिकेशन के लिए इसे शुक्रवार को ही भेज दिया था।
वैसे पिछले साल अक्टूबर में ही 80 साल और इससे ज्यादा उम्रदराज लोगों और दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। अब कोरोना संकट के चलते उसमें बदलाव किया गया है। यह बदलाव कोरोना काल के बाद भी जारी रहेगा। वैसे आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पोस्टल बैलेट की सुविधा उन्हें मिलेगी जो कोरोना पॉजिटिव या होम क्वारंटाइन हैं।
केंद्र सरकार की ओर से इस बदलाव को मंजूरी मिलने के बाद अब 65 साल और इससे बड़ी आयु वाले वोटर घर से ही वोटिंग कर सकेंगे। इससे बूथों पर भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी। साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं।
कोरोना के इस वैश्विक संकट के मध्य चुनाव के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और बुजुर्गों को होने वाले संक्रमण के खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग की यह पहल खासी सार्थक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे वोटिंग प्रतिशत बढ़ने के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव भी संभव हो सकेगा।