दुनियाभर में कोरोना वायरस से निपटने के लिए सबसे बड़ी जरूरत वेंटीलेटर की पर्याप्त तादाद होना है। भले ही भारत में इटली, अमेरिका जैसी आपात स्थिति पैदा नहीं हुई हो लेकिन इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के डिजायन के आधार पर सार्वजनिक उपक्रम भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) ने सस्ते वेंटीलेटर तैयार किए हैं।
अब केंद्र सरकार भेल से कुछ हफ्तों में ऐसे 30 हजार वेंटीलेटर खरीदने जा रही है। डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ जी सतीश रेड्डी के अनुसार, कुछ समय पहले डीआरडीओ की बायोमेडिकल तकनीक समिति ने वेंटीलेटर बनाने का एक डिजायन मैसूर स्थित स्कैन-रे टैक्नोलॉजीज नामक कंपनी को स्थानांतरित किया था। रेड्डी ने बताया, वेंटीलेटर प्रमुखत दो प्रकार के होते हैं-आईसीयू और एनेस्थिटिक।
देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी भी अब वेंटिलेटर व मास्क बनाएगी। मारुति ने शनिवार को कहा, देश में वेंटिलेटर का उत्पादन बढ़ाने के लिए वह एग्वा हेल्थकेयर के साथ मिलकर काम करेगी। हमारा इरादा वेंटिलेटर का उत्पादन 10 हजार प्रति माह करने का है।