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कोरोना के डर से चार अस्पतालों ने डॉक्टर को नहीं किया भर्ती, वेंटिलेटर पर पहुंचा मरीज

Fri, 20 Mar 2020 02:29 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जलगांव
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कोरोनावायरस (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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कोरोना वायरस के डर की वजह से मुंबई के जलगांव के एक डॉक्टर को चार अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया। डॉक्टर को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत आ रही थी जिसके कारण उन्हें निजी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। उनके परिवार से कहा गया कि वह क्लीयरेंस लाएं कि मरीज को कोरोना नहीं है।

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कई घंटों के बाद आखिरकार डॉक्टर को जलगांव के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। हालांकि देरी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और वह वेंटिलेटर पर पहुंच गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के डर और जानकारी के अभाव ने निजी अस्पतालों और डॉक्टरों में भय को बढ़ाने का काम किया है।

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यही वजह है कि वह कोरोना जैसे लक्षणों वाले मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं। वेंटिलेटर पर मौजूद डॉक्टर ने न तो विदेश यात्रा की है और न ही वह ऐसे किसी मरीज के संपर्क में आए हैं जो वायरस की चपेट में हो। डॉक्टर पिछले सप्ताह कोल्हापुर से अपने गृहनगर भुसावल लौट आए थे और उन्हें बुखार आने लगा।

बुधवार रात को उन्हें बहुत तेज बुखार हो गया और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उनका परिवार रातभर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश करता रहा। डॉक्टर के चाचा ने कहा, 'हम सबसे पहले उसे सामान्य चिकित्सक के पास लेकर गए, वो वहां नहीं था। वहां से हम उसे एक गहन देखभाल अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां डॉक्टरों ने कहा कि हो सकता है कि उसे कोरोनो वायरस हो और वह इसे अस्पताल में फैला देगा।'

परिवार उन्हें तीन और अस्पताल में लेकर गया। पीड़ित के चाचा ने कहा, 'हर अस्पताल ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि उन्हें कोरोना वायरस हो सकता है। हमने उन्हें बताया कि उसने विदेश यात्रा नहीं की है लेकिन किसी ने भी नहीं सुना। हमने पूरी रात एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटते हुए बिताई।'
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गुरुवार सुबह सात बजे डॉक्टर को सरकारी मेडिकल कॉलेज लाया गया जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। डॉक्टरों ने परिवार को उसे कहीं और स्थानांतरित करने के लिए कहा क्योंकि उनके पास क्रिटिकल केयर सपोर्ट मौजूद नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिभा शिंदे ने कहा, 'इसके बाद हमने जिलाधिकारी से संपर्क किया। जिन्होंने अस्पताल को उन्हें भर्ती रखने का निर्देश दिया।'

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