लॉकडाउन एक आपातकाल व्यवस्था होती लोगों को अलग-थलग करने के लिए इसे लगाया जाता है। लॉकडाउन के समय लोगों को किसी इलाके या इमारत में रहने के निर्देश दिए जाते हैं और वहां से निकलने के लिए मना किया जाता है। आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है।
लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सुविधाएं जारी रहती हैं, लेकिन यह भी प्रशासन पर निर्भर करता है कि वो किन सेवाएं को जारी रखना चाहता है। देखा जाए तो बैंक, बाजार, सब्जी की दुकानें, डेरी वगैरह को खुला रखा जाता है। अगर किसी को दवा या खाने-पीने की चीजों की जरूरत है तो बाहर निकल सकता है। कर्फ्यू के दौरान इन सब पर पाबंदी होती है।
कर्फ्यू और लॉकडाउन में अंतर
कर्फ्यू और लॉकडाउन दोनों को अलग-अलग स्थितियों में लगाया जाता है। दोनों के बीच अंतर प्रशासन द्वारा जारी रखी गईं सेवाओं का होता है। किसी इलाके में अगर दंगे या हिंसा होती है तो प्रशासन उस विकट स्थिति पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगाता है।
कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाएं जैसे बाजार और बैंकों पर ताला लटका रहता है। जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तभी ये सारी सेवाओं का लाभ घरों में बंद लोगों को मिलता है और वो बाहर निकल सकते हैं।
लॉकडाउन में जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती हैं। जैसा फिलहाल हमारे देश में है। देश के कई राज्यों और शहरों में लॉकडाउन किया गया है, लेकिन बैंक, डेरी, जरूरी सामान के लिए दुकानें खुली हुई हैं। जनता के लिए आवश्यक सेवाएं जारी हैं। अधिकतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं।