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कोरोना वायरस: प्रदूषण से दोगुनी हुई कोरोना मरीजों की मृत्युदर

Thu, 26 Nov 2020 07:33 AM IST
Kuldeep Singh परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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air pollution
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कोरोना महामारी के प्रसार में वायु प्रदूषण को सहायक माना जा रहा है लेकिन दिल्ली सहित देश के कई शहरों में इसकी वजह से कोरोना मरीजों की मृत्युदर दो गुना तक पहुंच गई है। दिल्ली की बात करें तो यहां प्रदूषण से पहले और अब में तीन फीसदी मृत्युदर में इजाफा हुआ है।

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जानकारी के अनुसार, दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में जून से सितंबर के बीच मृत्यु दर 3.3 फीसदी थी जो अब बढ़कर 5.05 फीसदी तक पहुंच चुकी है। ठीक इसी तरह अपोलो, मैक्स और फोर्टिस अस्पताल में भी कोरोना संक्रमितों की मृत्युदर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। रोजाना मिलने वाले आंकड़ों पर गौर करें तो दीपावली से 10 दिन पहले तक दिल्ली में 816 लोगों की मौत हुई थी।

जबकि इसके बाद से 23 नवंबर तक 993 लोगों ने कोरोना वायरस की वजह से दम तोड़ दिया। हाल ही में केंद्र सरकार ने भी चेतावनी दी है कि शहर में दिसंबर तक 15 हजार नए कोविड-19 मामले दिखाई दे सकते हैं। साथ ही अस्पताल में स्टाफ की कमी और आईसीयू बेड की कमी के कारण मृत्यु दर बढ़ सकती है।
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फेफड़ों में मिल रहा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
अब तक के चिकित्सीय अध्ययनों के अनुसार, कोरोना संक्रमित के फेफड़ों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड भी मिल रहा है। हाल ही में इटली स्पेन फ्रांस और जर्मनी के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक अध्ययन किया था जिसमें 4443 लोगों की मौत पर जानकारी एकत्रित की गई।

चौंकाने वाली बात है कि इनमें 78 प्रतिशत मृतकों के फेफड़ों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड मिला है जो सीधे तौर पर प्रदूषण की ओर इशारा कर रहा है। उत्तरी इटली और स्पेन क्षेत्र में सबसे ज्यादा महोदय देखने को मिली हैं। इन्हीं इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सबसे ज्यादा भयावह रहा है। 

सर गंगाराम के वरिष्ठ डॉक्टर अरविंद कुमार के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना वायरस का सबसे घातक रूप देखने को मिल रहा है। बीते 10 महीनों से भी ज्यादा अब संक्रमित मरीजों और मौतें देखने को मिल रही हैं इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं लेकिन वायु प्रदूषण और सर्दियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। ओपीडी में रोजाना प्रदूषण की वजह से परेशानी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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