प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संकट के हर वक्त में देश को जागरूक करने और चेतना जगाने में अखबारों की अहम भूमिका रही है। अखबारों के पास जबरदस्त विश्वसनीयता की लंबी परंपरा है, सामान्य नागरिकों के दिलों में उसकी साख आज भी कायम है।
उन्होंने कोरोना की वैश्विक महामारी की चुनौतियों से निपटने में प्रिंट मीडिया के योगदान की तारीफ करते हुए कहा, 'आपकी प्रतिबद्धता व संकल्पशक्ति सराहनीय है, हम सब मिलकर कदम उठाएंगे, लड़ेंगे और जीतेंगे। समाज की शक्ति ही महामारी से लड़ाई में विजय की जड़ी-बूटी है।'
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रिंट मीडिया की प्रमुख हस्तियों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा, 'अखबारों ने देश के सुदूरवर्ती इलाकों तक सूचना के प्रसार में जो भूमिका निभाई वह काबिल-ए-तारीफ है। इसका दायरा शहरों से गांव तक है। यह विस्तार ही मीडिया को इस चुनौती से लड़ने और सूक्ष्म स्तर पर संक्रमण के बारे में सही जानकारी पहुंचाने के लिए अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।'
पीएम ने अखबारों से राष्ट्रीय व क्षेत्रीय, दोनों स्तरों पर सरकार व जनता के बीच सेतु का काम करने, लगातार फीडबैक उपलब्ध कराने और आइसोलेशन प्रॉटोकॉल, परीक्षण की सुविधाओं, लॉकडाउन की आवश्यकता व आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की जानकारियां आम लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
मोदी ने कहा कि समाज का जुझारूपन बनाए रखना बहुत जरूरी है। यह भी देखना आवश्यक है कि निराशा व अवसाद का माहौल न बन पाए। अफवाहों से बचाने के लिए निरंतर जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में समाज की सामूहिक कोशिशें ही सीमित संसाधनों में वैश्विक महामारी से मुकाबले की ताकत बनी हैं। समाज का मनोबल बढ़ाने के लिए दूसरे देशों और भारत में महामारी से लड़ाई में सकारात्मक कोशिशों के प्रसार में अखबार प्रमुख माध्यम हैं। इस मौके पर केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी मौजूद थे।