देश के कई हिस्सों में कोरोना योद्धाओं को दो-दो मोर्चों पर युद्ध लड़ना पड़ पर रहा है। एक तरफ वे जहां कोरोना संक्रमण को रोकने में जी जान से लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने आसपास रहने वाले लोगों के पूर्वाग्रह का भी सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, कई लोगों के मन में यह धारणा बैठ गई है कि इन कोरोना योद्धाओं और संक्रमण के बाद स्वस्थ हो चुके लोगों से उन्हें संक्रमण होने का खतरा है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि कोरोना योद्धाओं के साथ ही समुदाय विशेष व जगह विशेष को लेकर भी तरह तरह की अफवाहें चल रही हैं, जो कि सभ्य समाज के लिए किसी कलंक से कम नहीं है।
वक्त रहते अगर ठोस कदम न उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है और आने वाले दिनों में इससे समाज में खाई बढ़ सकती है जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने के साथ ही अराजकता की स्थिति पैदा हो सकता है।
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