दूसरे राज्यों से अपने घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो रही है। रविवार को छत्तीसगढ़ लौटने वाले 14 प्रवासी श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। वहीं, कर्नाटक और राजस्थान में सोमवार को तीन प्रवासियों में कोरोना वायरस पाया गया है। यह लोग चुपचाप बिना स्क्रीनिंग कराए निकल गए थे।
छत्तीसगढ़ में ये नए मामले ऐसे समय में सामने आए हैं जब वहां के अस्पतालों में सिर्फ सात मरीज ही इलाज के लिए रह गए हैं। नए मामले मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। झारखंड से लौटने के बाद तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई।
10 दिन पहले मुंबई से लॉकडाउन का उल्लंघन कर कार से कर्नाटक के मंड्या लौटे दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हई थी। डिप्टी कमिश्नर वेंकटेश ने कहा कि वे 23 अप्रैल को उसी कार से परिवार के कुछ सदस्यों के साथ कर्नाटक पहुंचे। दोनों को मंड्या मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। वेंकटेश ने कहा, हम इन रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजस्थान में भी गुजरात से कुछ प्रवासी चुपचाप लौट आए। डूंगरपुर के कस्बा गांव में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह जिले का छठां कोरोना वायरस का मामला है। अधिकारियों ने कहा कि मरीज 17 अप्रैल को बॉर्डर पार कर गया था जिसके बाद किसी ने उसकी सूचना स्वास्थ्य अधिकारियों को दी।
व्यक्ति को 23 अप्रैल को क्वारंटीन किया गया। 24 अप्रैल को उसकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन रविवार को आई दूसरी रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। गांव को सील कर दिया गया है। जिला मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि कई प्रवासी मजदूर गुजरात से राजस्थान वापस आ रहे हैं। राज्य की सीमाओं पर चौकिंग की वजह से वो दूसरे रास्तों का उपयोग कर रहे हैं।