स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ईरान से आने वाली पहली उड़ान से 300 भारतीयों के नमूने आएंगे। अगर भारतीयों के नमूने नेगेटिव मिले तो उन्हें वापस लाया जाएगा। वापसी में इसी विमान से ईरानी नागरिक स्वदेश जाएंगे।
दिल्ली के स्कूलों में सुबह की सभा नहीं
दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को सुबह की सभा निलंबित करने का निर्देश दिया है। इससे पहले, दिल्ली के सभी प्राथमिक स्कूलों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है, लेकिन माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों और कर्मचारियों को स्कूल जाना है।
केंद्रीय दफ्तरों में 31 तक बायोमीट्रिक हाजिरी पर रोक
केंद्र सरकार ने अपने सभी कार्यालयों में 31 मार्च तक बायोमीट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी। दिल्ली में सभी आंगनबाड़ी केंद्र 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार से रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर देशभर के 750 विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखा है। इसमें सर्दी, खांसी, जुकाम होने पर छात्र को कैंपस न आने देने का निर्देश दिया गया है।
जो छात्र और शिक्षक फेलोशिप, स्कॉलरशिप, टूर या रिसर्च कार्य के लिए पिछले 28 दिनों में विदेश यात्रा से लौटें हैं या फिर ऐसे देशों के व्यक्ति से मिलें है तो उन्हें 14 दिन तक घर में रखकर निगरानी की सलाह दी गई है। इसके अलावा ऐसे छात्रों या शिक्षकों का ब्लड टेस्ट भी करवाने होंगे। यह आदेश आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी पर भी लागू होगा।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी कुलपतियों को लिखे पत्र में कैंपस के अंदर भीड़ एकत्रित करने वाले कार्यक्रमों को टालने का निर्देश है। सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों की ट्रेवल हिस्ट्री की रिपोर्ट बनाने को कहा है। इसमें लिखना होगा कि कौन सा छात्र, शिक्षक या कर्मी किस देश की यात्रा करके 28 दिन पहले लौटा है, या कोरोना प्रभावित देश के नागरिक से पिछले 28 दिनों में मिला है।
इस दौरान उक्त छात्र, शिक्षक या कर्मी कितने लोगों से मिला है, इसकी भी रिपोर्ट बनानी होगी। ऐसे लोगों को 14 दिन तक घर में रखकर उनकी निगरानी का निर्देश है। विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन व विभाग प्रमुख को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऐसी रिपोर्ट तैयार करें। इसके अलावा ऐसे लोगों का ब्ल्ड टेस्ट करवाएं। मास्क का प्रयोग करने का भी हिदायत दी है।
संदिग्ध मरीज मिलने पर लें मदद
आयोग ने कहा है कि अगर कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो तो तुरंत प्रदेश स्वास्थ्य विभाग या फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के टोल फ्री नंबर 011-2397846 पर फोन कर मदद मांग सकते हैं।