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कोरोना का खतरा घटाएगा दूर से धड़कन सुनने वाला स्मार्ट स्टेथोस्कोप, IIT बंबई ने बनाया

Sun, 12 Apr 2020 02:19 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस महामारी के बीच देश में कई उपयोगी आविष्कार किए जा रहे हैं, जो इससे निपटने में मददगार साबित हो रहे हैं या हो सकते हैं। ऐसा ही एक ईजाद आईआईटी बंबई के शोधकर्ताओं ने किया है। इस टीम ने ऐसा डिजिटल स्टेथोस्कोप तैयार किया है जो दूरी से भी धड़कन की आवाज सुन सकता है और उसे रिकॉर्ड कर सकता है।

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इसकी मदद से कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से स्वास्थ्यकर्मियों को होने वाले खतरे को कम किया जा सकता है। टीम के एक सदस्य ने बताया कि मरीज की धड़कन की गति संबंधी डाटा ब्लूटूथ की मदद से डॉक्टर तक पहुंच जाता है। इसके लिए डॉक्टर के लिए मरीज के पास जाना जरूरी नहीं है।

टीम ने इस उपकरण का पेटेंट हासिल कर लिया है। इससे प्राप्त होने वाले डाटा को अन्य डॉक्टरों को भी विश्लेषण एवं आगे के उपचार के लिए भेजा जा सकता है। ‘आयुडिवाइस’ नाम से स्टार्टअप चला रही टीम ने देश के विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में ऐसे 1,000 स्टेथोस्कोप भेजे हैं।
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इसे रिलायंस अस्पताल एवं पीडी हिंदुजा अस्पताल के डॉक्टरों से मिली क्लिनिकी जानकारियों की सहायता से विकसित किया गया हैं। टीम के एक सदस्य आदर्श के. ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को अकसर सांस फूलने की दिक्कत होती हैं।

डॉक्टर धड़कन और सीने में घरघराहट जैसी आवाज सुनने के लिए (पारंपरिक) स्टेथोस्कोप का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे डॉक्टरों के लिए संक्रमण का खतरा पैदा होता है। कोविड-19 के मरीजों का उपचार कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण के बढ़ते मामले इस बात की पुष्टि करते हैं।

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आवाजों को इलेक्ट्रॉनिक संकेतों में बदलने में सक्षम

आदर्श ने डिजिटल स्टेथोस्कोप की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कान में लगाने वाले दो उपकरण एक ट्यूब से जुड़े होते हैं। यह ट्यूब बीमारी का पता लगाने में बाधा उत्पन्न कर सकने वाले शोर को हटाकर शरीर की ध्वनियों को भेजता है।

उन्होंने कहा कि इसका दूसरा लाभ यह है कि स्टेथोस्कोप विभिन्न आवाजों को बढ़ाकर एवं फिल्टर करके उन्हें इलेक्ट्रॉनिक संकेतों में बदलने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि ये संकेत स्मार्टफोन या लैपटॉप पर ‘फोनोकार्डियोग्राम’ (धड़कन संबंधी चार्ट) के रूप में दिखाई देते हैं। देशभर में कोरोना वायरस से 7,447 लोग संक्रमित हो चुके है और कुल 239 लोगों की इस संक्रमण से मौत हो चुकी है।
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