एम्स के मनोचिकित्सक का कहना है कि आपके बच्चे के हाथ में मोबाइल, गैजेट है। इंटरनेट का कनेक्शन है। इसलिए मेरी हर माता-पिता को सलाह है कि वह अपने बच्चे को सबसे पहले सही और गलत का एहसास कराएं। उनके भीतर खुद इसकी समझ बढ़ाएं। डॉ. सागर की दूसरी सलाह है कि हर माता-पिता अपने बच्चों पर ध्यान दें। उनके साथ समय बिताएं। खुलकर बातें करना, इसके लिए समय निकालना सीखें।
इसे अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानें। बच्चों की काउंसलिंग करने वाले अमित सरन का कहना है कि उनके पास कई अजीब तरह के मामले आए। इन मामलों को देखकर वह कह सकते हैं कि आजकल के माता-पिता को अपने बच्चों के कामकाज, व्यवहार के बारे में बहुत कम जानकारी होती है। अमित सरन का कहना है कि तमाम अच्छे संपन्न मां-बाप इस तरह का कोई प्रयास भी नहीं करते। इसके कारण तमाम बच्चों के भटक जाने का खतरा रहता है।
डॉ. राजेश सागर भी कहते हैं कि सोशल मीडिया पर सबकुछ उपलब्ध है। राजेश चौधरी पुलिस की आईटी सेल और सेना के लिए काम कर चुके हैं। वह कहते हैं कि ज्यादा दूर मत जाइए। फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से सबकुछ आदान-प्रदान संभव है। फेसबुक की वीडियो क्लिप्स चलती हैं, वह किसी भी बच्चे को पोर्नोग्राफी तक ले जाने में सक्षम हैं। वहां से फुरसत मिले तो कभी गूगल के प्ले स्टोर में ढूंढ लीजिए।
आप जो चाहते हैं, उससे मिलता जुलता काफी कुछ मिल जाएगा। अमित सरन भी राजेश चौधरी से इत्तेफाक रखते हुए कहते हैं कि अमेरिका में बैठे गूगल को आपकी हर प्रवृत्ति की कुछ दिन में जानकारी हो जाती है। सोशल मीडिया से जुड़े तमाम लोग (कंपनियां, हैकर, सब) आपकी हर रुचि को धीरे-धीरे आब्जर्व कर लेते हैं। चुपचाप वह आपको अपना शिकार बनाते चले जाते हैं और आपको पता नहीं चलता।
राजेश चौधरी का कहना है कि अब ऐसे एप आ गए हैं जो आपके हाथ में केवल कमांड को रखते हैं। वह अपनी सुविधाओं को आपकी डिवाइस के हर निजी सेक्शन (फोटो, वीडियो, लाइब्रेरी, कैमरा, कांटैक्ट आदि) से खुद को जोड़कर रखते हैं। बिना अनुमति दिए उस एप का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
इसी के जरिए कई कामर्शियल एप मोटी कमाई भी कर लेते हैं। हैकर इनसे ही सूचनाएं प्राप्त करके अवांछित तरीके से आर्थिक ठगी को अंजाम देते हैं। राजेश चौधरी का कहना है कि चूंकि सर्वर विदेश में है। अपराधी दुनिया के किसी भी देश में हो सकता है, इसलिए ऐसे तमाम अपराधों पर एजेंसियां भी चाहकर कुछ खास नहीं कर पातीं।
इसलिए सबसे बड़ा उपाय सावधानी है। चौधरी बताते हैं कि लालच बुरी बला है। वह कहते हैं कि ठगों के जाल में अच्छे आईटी के जानकार भी फंस चुके हैं। इसलिए वर्ल्ड वाइड वेब पर आने का मतलब है कि एथिकल रहिए। इच्छाओं पर नियंत्रण रखिए। जो जरूरी हो, उसी क्षेत्र में आगे बढ़िए।