प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार को लॉकडाउन के दूसरे चरण की घोषणा के बाद उड्डयन नियामक डीजीसीए ने सभी घरेलू व अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं का 3 मई तक निलंबन जारी रखने का सर्कुलर जारी कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विस्तारा एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा, हमारे यात्री अपने टिकट 31 दिसंबर तक की किसी भी अन्य तिथि के लिए रिशेड्यूल कर सकते हैं।
हालांकि उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा, लेकिन किराये के अंतर का भुगतान यात्रियों का करना होगा। गोएयर के प्रवक्ता ने भी कहा कि उनकी एयरलाइंस अपने यात्रियों को अपनी बुकिंग 3 मई, 2021 तक की किसी तिथि पर बिना अतिरिक्त चार्ज के रिशेड्यूल कराने का ऑफर दे रही है।
इंडिगो एयरलाइंस ने भी टिकट रद्द करने के बदले पैसा वापस करने के बजाय उन्हें अगले एक साल तक उसी टिकट के पीएनआर में क्रेडिट के तौर पर उपयोग के लिए अपने पास जमा रखने की घोषणा की है। यात्री इसके जरिये 28 फरवरी, 2021 तक कभी भी अपना नया टिकट बुक कराकर यात्रा कर सकते हैं।
रेलवे के मुताबिक, लॉकडाउन 2.0 लागू होने के चलते 15 अप्रैल से 3 मई तक के लिए बुक कराए गए करीब 39 लाख टिकट रद्द किए जाएंगे। ये टिकट रेलवे की तरफ से 14 अप्रैल को लॉकडाउन का पहला चरण खत्म होने पर ट्रेनों के संचालन की संभावना के आधार पर बुक किए गए थे।
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के फैलने से पहले तक रेलवे रोजाना आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये औसतन 8.5 लाख टिकट ऑनलाइन बुक करती थी। लेकिन महामारी के बढ़ने पर 22 मार्च को 15,523 ट्रेनों का संचाल बंद कर दिया गया था, जिनमें सामान्य हालात में रोजाना चलने वालीं 9 हजार पैसेंजर और 3 हजार मेल एक्सप्रेस सेवाएं भी शामिल हैं।
भारतीय रेलवे ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन बढ़ाए जाने के चलते अपनी मालवाहक सेवाओं पर 3 मई तक किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूलने की घोषणा की। इससे पहले रेलवे ने मालवाहक सेवाओं पर विलंब शुल्क, घाट शुल्क या जगह का उपयोग शुल्क सरीखी अतिरिक्त वसूली पर 14 अप्रैल तक प्रतिबंध लगाया था।
विलंब शुल्क उस दशा में वसूला जाता है, जब किसी माल को निशुल्क समय बीतने पर भी रेलवे गोदाम से नहीं उठाया जाता। बता दें कि रेलवे ने देश में लॉकडाउन के बावजूद सभी जगह आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अपनी मालगाड़ियों का संचालन बंद नहीं किया था। रेलवे के मुताबिक, 1 से 12 अप्रैल के बीच खाद्यान्नों के 36724 वैगन, चीनी के 861 वैगन, नमक के 1753 वैगन, खाद्य तेलों के 606 टैंकर वैगन और कृषि खाद के 14317 वैगन इधर से उधर ट्रांसपोर्ट किए गए थे।