दो महीने बाद 5 गुना से ज्यादा उत्पादन: उच्चस्तरीय कमेटी के एक सदस्य और विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि 12 से ज्यादा स्वदेशी किट्स इस्तेमाल में लाई जा रही हैं। इनका उत्पादन शुरूआती चरण में है। सप्ताह में करीब 3 लाख तक किट्स तैयार हो रही हैं लेकिन अगले दो महीने में प्रति सप्ताह इनका उत्पादन 5 गुना से भी ज्यादा होगा।
हर किट्स पर 50 सैंपल का ट्रायल
एनआईवी के एक वैज्ञानिक बताते हैं कि आरटी पीसीआर और एंटीबॉडी रैपिड टेस्ट दोनों ही तरह की स्वदेशी किट्स की गुणवत्ता जांचने के बाद ही मान्यता दी जा रही है। हर किट पर कम से कम 50 सैंपल से जांच की जा रही है। अभी तक 23 एंटीबॉडी जांच किट्स को मान्यता मिली है इसमें तकरीबन 40 फीसदी (9 किट्स) भारत में निर्मित हैं।
हरियाणा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, मुंबई और दिल्ली में इन किट्स को तैयार किया है। इसके अलावा 31 आरटी पीसीआर जांच किट्स को मंजूरी मिली है। जबकि 14 किट्स 16 अप्रैल को ही संतोषजनक मिली हैं इनमें से 50 फीसदी यानी सात किट भारत की हैं।