घनी आबादी में रहने वाले लोगों को कपड़े धोने, नहाने और शौच के लिए सामूहिक रूप से स्थानों का प्रयोग करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना होगा। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने अधिक आबादी में रहने वाले लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसमें घनी आबादी में स्वच्छता बनाए रखने और सामुदायिक शौचालयों में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा शौच के समय अनिवार्य रूप से मुंह ढककर और जूतों का इस्तेमाल करना होगा। सामूहिक कार्यों के दौरान सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।
केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर विजय राघवन ने कहा है कि कोरोना को हराने के लिए घनी आबादी में प्रबंधन बहुत आवश्यक है। इसकी मदद से आबादी को संक्रमण से बचाया जा सकता है। ऐसी आबादी में हाथ धोने के लिए पैर से संचालित होने वाले उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
कपड़े धोने और नहाने के पानी में कोलोरिन का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों घरों को साफ रखने के कीटाणुनाशक का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने और बार बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जाए।
स्थानीय प्रशासन की स्वयंसेवी संस्थाओं व संगठनों से मदद
प्रोफेसर राघवन ने कहा घनी आबादी को संक्रमण से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन की स्वयंसेवी संस्थाओं, संगठनों और कारपोरेट घरानों के सामाजिक सारोकार प्रोजेक्ट के तहत मदद ली जा सकती है। ऐसे स्थानों पर शौचालयों, स्नानाकेंद्र और कपड़ा धोने के स्थानों पर ध्यान केंद्रित करके कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।