औरंगाबाद में रेल पटरी पर गहरी नींद में सोए 16 मजदूरों की मालगाड़ी से कटकर दर्दनाक मौत होने के बाद महाराष्ट्र सरकार जाग गई है। सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी की तैयारी शुरू कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि हर हालत में मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाएंगे। पवार ने प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष दस्ता बनाने की घोषणा की है।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है जबकि राज्य सरकार की ओर से जारी इसके रोकथाम के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं, बीते 40 दिन से घर में बेरोजगार बैठे प्रवासी मजदूरों का धैर्य जवाब देने लगा है। इसके चलते मुंबई और आसपास के इलाकों से प्रवासी मजदूरों का समूह पैदल ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड की तकलीफदेह यात्रा पर निकल पड़ा है। आश्चर्य यह है कि महाराष्ट्र सरकार इन्हें रोकने या टोकने की कोशिश भी नहीं कर रही है।
राम नाईक के पत्र का उद्धव ने नहीं दिया प्रतिसाद
उत्तर प्रदेश के प्रवासियों की सकुशल घर वापसी को लेकर पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उपाय सुझाए थे। लेकिन ठाकरे की तरफ से तीन दिन तक इसका प्रतिसाद नहीं मिला। जबकि योगी आदित्यनाथ की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सिलसिलेवार जानकारी उपलब्ध कराई गई थी।
अब प्रवासियों से नए फार्म स्वीकारने लगी पुलिस
मुंबई और आसपास के इलाकों में उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों से पुलिस ने नए फार्म स्वीकारना बंद कर दिया था लेकिन शुक्रवार से फार्म स्वीकारना शुरू कर दिया है। वहीं, शुक्रवार को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बस्ती के लिए एक ट्रेन भी रवाना की गई। पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह और भाजपा नेता अमरजीत मिश्र ने इसको लेकर जारी गतिरोध दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रवासी मजदूर धैर्य रखें : उद्धव
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि प्रवासी मजदूर धीरज रखें। महाराष्ट्र सरकार की ओर से दूसरे राज्यों के लिए ज्यादा से ज्यादा ट्रेन रवाना करने की कोशिश की जा रही है। अधिक ट्रेन रवाना करने के संबंध में रेलवे और केंद्र सरकार से लगातार चर्चा शुरू है। जल्द ही प्रवासी मजदूरों को उनके गांव पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।