टैक्सी सेवाएं देने वाली निजी कंपनी ओला ने ड्राइवर सहयोगियों को लीज रेंटल्स में पूरी तरह छूट दी है। वे इसे ईएमआई में परिवर्तित करा सकेंगे। ड्राइवरों को दीर्घकालिक लीज का विकल्प भी दिया गया है। उन्हें डिपॉजिट के अलावा 700 से 1,150 रुपए के बीच की दैनिक किराया राशि देनी होगी।
ओला फ्लीट टेक्नोलॉजीज जो कि ओला के फ्लीट की सहायक कंपनी है और इसके बेड़े में अलग-अलग वाहन मौजूद हैं। हाल ही में कंपनी ने कोरोना वायरस महामारी के चलते अपनी शेयर्ड राइड सुविधा को निलंबित करने का एलान किया है। वहीं उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी ऊबर ने अपना पूरा संचालन कुछ समय के लिए बंद कर दिया है।
ओला ने आपातकालीन सुविधाओं के लिए अपनी सेवाएं चालू रखी हुई हैं। ओला के प्रवक्ता ने कहा, 'हम पुष्टि करते हैं कि हम पूरी तरह से लीज रेंटल्स में छूट दे सकते हैं जो ईएमआई के समान है। जो लोग ओला की सहायक कंपनी ओलाफ्लीट टेक्नोलॉजीज के स्वामित्व वाले वाहनों को लीजिंग कार्यक्रम के तहत चलाते हैं उन सभी ड्राइवर्स को छूट दी जा रही हैं।'
प्रवक्ता ने आगे कहा कि वर्तमान में जो ड्राइवर पार्टनर्स कोविड-19 के चलते अस्थायी लॉकडाउन की वजह से संकट में है, उनके आर्थिक बोझ को कम किया जाएगा। इसके
अलावा कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से ड्राइवरों और उनके जीवनसाथी को होने वाले घाटे को देखते हुए हम देशभर के अपने ड्राइवर पार्टनर्स को चिकित्सा सुविधा के लिए बीमा और स्वास्थ्य सपोर्ट देते रहेंगे।
ओला लीजिंग कार्यक्रम की बात करें तो इसमें ओला ड्राइवर्स को एक कार के लिए लंबी अवधि के लिए लीज पर देने का विकल्प होता है। जिसमें शहर और कार के मॉडल के आधार पर 700 से 1,150 रुपये के बीच का दैनिक किराया वसूल किया जाता है। लीज पर गाड़ी देते समय कंपनी वाहन के मॉडल के आधार पर चार हजार रुपये (नॉन-रिफंडेबल चार्ज) और 21,000 से 31,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर लेती है।
कंपनी ने शनिवार को ड्राइवर पार्टनर्स के 30,000 रुपये के कवरेज की घोषणा की थी। यदि उनके परिवार वाले कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तो उन्हें क्षतिपूर्ति पैकेज के साथ रोजाना एक हजार रुपये की आय कवर देने की भी घोषणा की गई थी। यह अधिकतम तीन हफ्ते के लिए वैध होगा।