कांग्रेस के मुताबिक, तीसरी तालाबंदी की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश और निर्देश जारी करने की अपनी शक्ति बरकरार रखते हुए कोरोना से निपटने का सारा उत्तरदायित्व राज्य सरकारों पर ही डाल दिया। इससे भी बदतर बात ये हुई कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को देश के सबसे गंभीर चिकित्सा आपातकाल से लड़ने के लिए पर्याप्त राशि मुहैया नहीं करवाई। ऐसी परिस्थितियों में धन की कमी की समस्या से जूझ रही राज्य सरकारों ने महामारी से लड़ने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, परीक्षण किट, अस्पताल के बिस्तर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर आदि को जुटाने का यथासंभव प्रयास किया। राज्य सरकारों द्वारा किए गए इन्हीं प्रयासों के लिए उन्हें साधुवाद, जिसमें केंद्र सरकार का कोई योगदान नहीं। विभिन्न राज्यों को वैक्सीन खुराक की आवश्कता अनुसार उचित और न्यायसंगत आवंटन दिलवाने में केंद्र विफल रहा है। कांग्रेस पार्टी के अनुसार, आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा शासित कई राज्यों को उनकी आवश्यकता के बावजूद उनके उचित हिस्से से कम वैक्सीन की मात्रा मिली। अपारदर्शी पीएम-केयर फंड में सैकड़ों करोड़ रुपये जमा होने के बावजूद राज्य सरकारों को पर्याप्त धन मुहैया कराने में असफलता, जो दो मोर्चों पर युद्ध लड़ रहे थे, एक महामारी के खिलाफ और दूसरा आर्थिक मंदी के खिलाफ।
सहकारी संघवाद के ठीक नहीं केंद्र सरकार की नीतियां: डॉ. मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही 15 वें वित्त आयोग के विषय एवं शर्तों में बदलाव के तरीके को 'एकपक्षीय' बता चुके हैं। उन्होंने इस मसले पर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। डॉ. सिंह ने कहा था कि एकपक्षीय सोच संघीय नीति एवं सहकारी संघवाद के लिए ठीक नहीं है। साल 2019 में एक राष्ट्रीय परिचर्चा में उन्होंने कहा था सरकार, वित्त आयोग के विचारणीय विषय व शर्तों में फेरबदल करना भी चाहती थी तो अच्छा तरीका यही होता कि उस पर 'राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन' का समर्थन ले लिया जाता। ऐसा नहीं करने से यह संदेश जाएगा कि धन के आवंटन के मामले में केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों को छीनना चाहती है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे लगता है कि हम अपने देश की जिस संघीय नीति और सहकारी संघवाद की कसमें खाते हैं, यह उसके लिए ठीक नहीं है।
सोनिया गांधी को सस्ती राजनीति नहीं करनी चाहिए: प्रकाश जावड़ेकर
सोनिया गांधी को लेकर भाजपा के केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, अब कोरोनो वायरस से लड़ाई का वक्त है। कांग्रेस अध्यक्ष को 'सस्ती राजनीति' नहीं करनी चाहिए। केंद्र सरकार, संविधान के मुताबिक काम करती है। राज्यों को हर फैसले से अवगत कराया जाता है। जहां जरुरी है, वहां उनकी राय भी ली जाती है। जावड़ेकर ने कहा, 'हम सांप्रदायिक विभाजन पैदा नहीं कर रहे हैं। हम एकजुट होकर सीओवीआईडी -19 से लड़ रहे हैं। हम उनसे सस्ती राजनीति नहीं करने का अनुरोध करते हैं। उन्हें छोटी राजनीति में नहीं फंसना चाहिए।