कोरोनावायरस को लेकर खौफ हर दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। चीन की राजधानी बीजिंग में भी इस वायरस की वजह से पहली मौत हो गई है। अकेले चीन में ही अभी तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच चीन के वुहान प्रांत में 200 से ज्यादा छात्रों व कर्मचारियों के फंसे होने की भी खबर है। भारत सरकार ने सभी भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें जारी कर दी हैं।
केंद्र सरकार चीन के वुहान शहर में फंसे भारतीय लोगों को वापस लाने के लिए कदम उठा सकती है। एक अधिकारी की मानें तो कोरोनो वायरस पर बैठक के बाद ही इसपर फैसला हो सकता है। वहीं भारत सरकार का जहाज रानी मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर सकता है जिससे देश के भीतर इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।
भारतीय दूतावास ने बताया कि उसके राजनयिकों ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की। दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक नोट में कहा, ‘बैठक में, चीनी प्राधिकारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। वुहान/हुबेई प्रांत से विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने के विभिन्न विकल्पों पर भी चर्चा की गई।’
उसने कहा, ‘हम हुबेई प्रांत में भारतीय नागरिकों का कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए चीनी प्राधिकारियों से वार्ता जारी रखेंगे। चीनी प्राधिकारियों से और कोई सूचना मिलने के बाद हम आपको उसकी जानकारी देंगे।’
हेल्पलाइन नंबर जारी, यहां कर सकते हैं संपर्क
दूतावास ने बताया कि हुबेई में विदेश मामलों के कार्यालय ने दो हेल्पलाइन नंबर (027-87122256 और 87811173)मुहैया कराए हैं जिन पर प्रांतीय प्राधिकारियों से कभी भी संपर्क किया जा सकता है।
दूतावास ने भी सोमवार को ट्वीट किया कि किसी भी आपात स्थिति के लिए उससे तीन हॉटलाइनों (+8618610952903, +8618612083629, +8618612083617) के अलावा ईमेल आईडी helpdesk.beijing@mea.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।
दूतावास ने चीन में फंसे भारतीयों से अपने पासपोर्ट की जानकारी मुहैया कराने का भी अनुरोध किया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कोरोनावायरस को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की। चीन में 100 गुजराती छात्रों के चिकित्सा और सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम पर चर्चा की। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने भी इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मोदी से वुहान में फंसे भारतीय लोगों को एयरलिफ्ट कराने की मांग की है।
सभी देश दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही कैबिनेट सचिव ने सोमवार को चीन में कोरोनोवायरस के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य, विदेश, नागरिक उड्डयन, श्रम, रक्षा, सूचना प्रसारण और सदस्य सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, महानिदेशक (सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा) के सचिवों ने भाग लिया।
कैबिनेट सचिव को बताया गया कि रविवार तक 137 उड़ानों की जांच की गई (कुल यात्री 29,707) और 12 यात्रियों के नमूने पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को भेजे गए हैं। अभी तक कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
अब तक की अपडेट