स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बीते 13 जून तक जिलावार समीक्षा करने पर पता चला है कि 10 लाख की आबादी पर नासिक में 374, सोलापुर में 414, रायगढ़ में 622, उत्तर पूर्वी दिल्ली में 417, सूरत में 440, वड़ोदरा में 528, गाजियाबाद में 447 और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिला में 539 सैंपल की जांच हो रही है।
जबकि इन जिलों में संक्रमित सैंपल मिलने की दर 7 फीसदी से अधिक है। सबसे कम उत्तर 24 परगना में यह दर 7.5 फीसदी दर्ज की गई है। जबकि उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला में यह सर्वाधिक 57.1 फीसदी दर मिली है। कोरोना वायरस की जांच को लेकर 10 लाख की आबादी पर राष्ट्रीय औसत 731 है। ऐसे में संक्रमण प्रभावित जिलों में जांच की गति को जल्द से जल्द बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2019 और कोविड की वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन करने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञ रीजो एम जॉन बताते हैं कि जिन राज्यों में कोरोना वायरस के अब तक 500 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। साथ ही संक्रमण के लिहाज से जिन्हें अतिसंवेदनशील माना जा रहा है, वहां अस्पताल और बिस्तरों की संख्या बेहद कम है।
देश में 10 लाख की आबादी पर कोरोना वायरस से औसतन 9.31 लोगों की मौत हो रही है। इसके चलते राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस की मृत्युदर 3.31 फीसदी दर्ज की गई है, लेकिन इसी आबादी पर देश में अस्पतालों की संख्या देखें तो वह 51 है। जबकि बिस्तरों की संख्या 1403 है। ऐसे में मरीजों की बढ़ती संख्या के लिहाज से अंति संवेदनशील राज्यों में और भी ज्यादा प्रयास होने चाहिए।