इसके बाद बेटे पुनीत ने मां का शव भारत ले जाने के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। दूतावास की ओर से दो बार डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया, लेकिन रिजेक्ट हो गया। डॉ. पुनीत मेहरा बीती सात फरवरी तक चीन में ही थे। वह मां का शव लेकर आने की उम्मीद में ही वहां रुके थे।
परंतु पत्नी के प्रसव का समय नजदीक आने और चीन में फैले कोरोनावायरस के कारण मुंबई में मौजूद परिजनों ने उन्हें जल्द से जल्द स्वदेश लौट आने को कहा। ऐसे में हरसंभव कोशिश के बावजूद वह मां का शव वापस भारत नहीं ला सके।
हालांकि बीते सोमवार को डॉ. मेहरा को बीजिंग के भारतीय दूतावास से एक पत्र मिला है। इस पत्र में जानकारी देते हुए कहा गया है कि इस दुखद घड़ी में हम आपके साथ सहानभूति रखते हैं। लेकिन, चीन में भी उतनी ही दुखद स्थिति बनी हुई है।
कोरोनावायरस महामारी के चलते सामान्य जीवन पटरी से उतर गया है, विशेष रूप से हुबेई में, जहां रीता मेहरा की मृत्यु हुई थी। हुबेई से बीजिंग के लिए सभी ट्रांसपोर्ट बंद हैं, इसलिए शव लाने में दिक्कत हो रही है।