इससे पहले यह संस्थान कोरोना से जंग में महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण वेंटिलेटर को लेकर भी महत्वपूर्ण कार्य कर चुका है। संस्थान के छात्रों ने बेहद कम लागत वाला आपातकालीन वेंटिलेटर सिस्टम तैयार किया है। छात्रों ने इस वेंटिलेटर सिस्टम का एक प्रोटोटाइम भी तैयार किया है। इसके उत्पादन के लिए बंगलूरू की विप्रो 3डी कंपनी से करार किया गया है। इसे महज एक सप्ताह में तैयार किया गया है।
यह सिस्टम आर्टिफिशियल मैनुअल ब्रीदिंग यूनिट (एएमबीयू) पर आधारित है और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका आकार है। इस उपकरण को हाथ में उठाया जा सकता है। इसके लिए एएमबीयू बैक या एक बैग-वॉल्व-मास्क (बीवीएम) को हाथ में उठाकर सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे मरीज को पॉजिटिव प्रेशर वेंटिलेशन के जरिए राहत दे सकता है।