जयशंकर ने बताया कि इसके अलावा सरकार ने कुछ मामलों में ई-वीजा एवं आगमन पर वीजा आदि को स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को 14 दिनों की न्यूनतम अवधि तक अलग रखा जाएगा।
दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्रतिबद्धता
जयशंकर ने कहा कि कोरोनावायरस का फैलना चिंता का विषय है और हम जिम्मेदारीपूर्वक इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सरकार दुनिया के किसी भी भाग में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इटली सहित यूरोप में उभरती स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने ने कहा कि कोरोनावायरस के प्रकोप की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी भी व्यक्ति की स्वदेश वापसी के लिए संक्रमण मुक्त होने के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है।
ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों के अभिभावकों से मिला: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि कोरानावायरस को फैलने से रोकने के लिए और अधिक सख्त उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी (उपाय) जरूरी है, वह कर रहे हैं । जयशंकर ने बताया कि ईरान के तेहरान स्थित भारतीय दूतावास और बांदर अब्बास स्थित वाणिज्य दूतावास के कर्मचारी वहां बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में अनवरत काम कर रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में अपनी जम्मू कश्मीर यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मैं श्रीनगर में उन छात्रों के अभिभावकों से मिला जो ईरान में हैं। अभिभावकों की चिंताओं को समझते हुए मैने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके बच्चों और उन सभी लोगों को भारत वापस लाने के लिए यथासंभव सुविधा प्रदान करेगी जो भारत वापस आना चाहते हैं।
उन्होंने ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों की वापसी को लेकर विभिन्न सदस्यों की चिंताओं का जवाब देते हुए कहा कि बांदर अब्बास स्थित भारत का वाणिज्य दूतावास दक्षिणी ईरान के असालूयेह, चिरुयेह और किश शहरों में मौजूद भारतीय मछुआरों के संपर्क में है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर जयशंकर ने बताया कि सभी भारतीय मछुआरे स्वस्थ हैं और उन्हें खाद्य सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।