फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना: विदेशी राहत में मिले 1764 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर, 31 राज्यों के लोगों की बचाएंगे जान

Thu, 06 May 2021 07:49 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कोराना वायरस से लड़ाई के लिए 4 मई तक विदेशी राहत के तौर पर मिले चिकित्सा उपकरण व दवाई 31 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 38 चिकित्सा संस्थानों को बांट दिए गए हैं।
विज्ञापन
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर की मार से जूझ रहा है। इस बीच, अमेरिका समेत कई देश भारत की मदद को आगे आए हैं। इसके तहत ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, वेंटीलेटर्स दूसरे देशों से भेजे गए हैं। भारत सरकार ने ये सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित कर दिए हैं।

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कोराना वायरस से लड़ाई के लिए 4 मई तक विदेशी राहत के तौर पर मिले चिकित्सा उपकरण व दवाई 31 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 38 चिकित्सा संस्थानों को बांट दिए गए हैं। इनमें 1764 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर, 7 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 1760 ऑक्सीजन सिलिंडर, 450 वेंटिलेटर, 1.35 लाख रेमडेसिविर टीके और 1.20 लाख फेविपिराविर गोली के पत्ते शामिल हैं।

किस देश ने मदद में क्या भेजा?
भारत को 27 अप्रैल से विभिन्न देशों से चिकित्सा उपकरणों व अन्य सामग्री मिलनी शुरू हुई थी। राहत भेजने वाले देशों में ब्रिटेन, आयरलैंड, रोमानिया, रूस, यूएई, अमेरिका, ताइवान, कुवैत, फ्रांस, थाईलैंड, जर्मनी, उज्बेकिस्तान, बेल्जियम और इटली शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 4 मई तक मिले सभी सामान राज्यों और संस्थानों को आवंटित किए जा चुके हैं और इसका एक बड़ा हिस्सा वितरित भी किया जा चुका है। यह काम लगातार चल रहा है। इस सामान का सबसे बड़ा हिस्सा 4 मई को मिला था, जिसमें 1274 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर, 101 वेंटिलेटर, 587 ऑक्सीजन सिलिंडर, 2 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 33 मेडिकल कैबिनेट और 1,53,708 रेमडेसिविर टीके शामिल थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

खास एसओपी बनाई गई है वितरण के लिए

मंत्रालय ने बताया कि विदेश से मिल रही राहत सामग्री के लिए खास मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है, जिसे 2 मई से लागू कर दिया गया। इसके लिए मंत्रालय में 26 अप्रैल से एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ काम कर रहा है, जो विदेशी राहत सामग्री को लेने और आवंटित करने की पूरी प्रक्रिया देखता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें