कोरोना वायरस के संदिग्ध 112 लोग, जो चीन के वुहान से नई दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी क्वारंटाइन केंद्र पर लाए गए थे, उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद शुक्रवार को उन्हें यहां से रवाना कर दिया गया। इन लोगों को विदाई देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय और आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल क्वारंटाइन केंद्र पर पहुंचे थे।
केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, अब इस सेंटर पर कोरोना वायरस के नए संदिग्ध लोगों को तीसरा बैच आएगा। अभी यह तय नहीं है कि इस बैच में कितने लोग होंगे, लेकिन ये सभी चीन और इटली से यहां पर पहुंचेंगे।
बता दें कि कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित चीन के वुहान से 27 फरवरी, 2020 को आईटीबीपी क्वारंटाइन केंद्र पर 112 लोगों का दल पहुंचा था। आईटीबीपी के छावला क्वारंटाइन केंद्र में इन सभी लोगों की 27 फरवरी को जांच की गई थी।
उस वक्त भी इन लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बाद 11 मार्च को दोबारा से इन सभी लोगों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन लोगों को इनके घर भेज दिया गया। इस दल में 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक शामिल थे।
विदेशी नागरिकों के दल में चीन से 6, बांग्लादेश से 23, म्यांमार और मालदीव प्रत्येक से 2 और संयुक्त राज्य अमेरिका से 1, दक्षिण अफ्रीका से 1 तथा मेडागास्कर प्रत्येक से 1 नागरिक शामिल हैं। गृह राज्यमंत्री तथा आईटीबीपी के महानिदेशक ने छावला क्वारंटाइन केंद्र पर पहुंचकर सभी नागरिकों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि इस योगदान के लिए आईटीबीपी पर देश को गर्व है। सभी बलों को आवश्यकतानुसार भविष्य में क्वारंटाइन केंद्र स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना है। सेंटर से विदा लेने वाले लोगों को गुलाब का फूल, आईटीबीपी का कैलेंडर और स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया।
आईटीबीपी का यह सेंटर देश में अपने प्रकार का सबसे विशाल क्वारंटाइन केंद्र है। यहां वुहान से लाये गए सबसे ज्यादा 518 लोगों का सफलतापूर्वक क्वारंटाइन किया जा चुका है। इनमें महिलाएं और शिशु समेत बच्चे भी शामिल हैं।
साथ ही सात मित्र देशों के नागरिकों को भी यहां क्वारंटाइन में रखा गया। सूत्र बताते हैं कि अब जल्द ही चीन के अलावा इटली में जो भारतीय फंसे हैं, उन्हें यहां लाया जाएगा।