त्रिपुरा के एक डॉक्टर ने केवल 40 रुपये की लागत वाला पीपीई फेस शील्ड बनाया है। यह उन डॉक्टरों को ध्यान में रख कर बनाया गया है, जो कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
बता दें कि फेस शील्ड एक सुरक्षात्मक गियर है। इसमें ऊपर की तरफ से गोलाकार बैंड होता है और सामने की ओर हेलमेट की तरह एक पारदर्शी वाइजर (प्लास्टिक का शीशा)।
त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज (टीएमसी) में बतौर सहायक प्रोफेसर काम करने वाले डॉ अर्कादीपा चौधरी ने कहा कि उन्होंने आसानी से उपलब्ध सस्ती सामग्रियों का उपयोग करके चेहरे की ढाल, 'स्टॉपड्रॉप' विकसित की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप से उत्पादों की डिलीवरी प्रभावित होती है। ऐसे में डॉ चौधरी ने कंप्रेस्ड पॉलिएस्टर, सस्ती पट्टियां और वाइजर का उपयोग करके फेस शील्ड बनाया है।
जिस मेडिकल संस्थान में वह काम करते हैं, वहां 300 स्टॉपड्रॉप का कठोरता से परीक्षण किया गया। इसके बाद संस्थान ने 40 रुपये प्रति पीस की दर से 2,000 फेस शील्ड इकाइयों का ऑर्डर दिया।
31 वर्षीय डॉक्टर ने कहा, "पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) में इस्तेमाल होने वाले फेस शील्ड की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट केवल 20-25 रुपये है, लेकिन इसे 250 रुपये से लेकर 499 रुपये में बेचा जाता है।"