कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजी पैथोलॉजी लैब्स को कोरोना की जांच करने की अनुमति देने का फैसला किया है। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अभी सिर्फ सरकारी लैब को ही कोरोना वायरस की जांच करने की अनुमति है। परंतु निजी लैब को इसकी अनुमति देकर जांच के कार्य में दोगुनी तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि करीब 60 निजी लैब को जल्द ही इसके लिए अनुमति दी जा सकती है। अभीतक सिर्फ सरकारी लैब को ही कोरोना की जांच की अनुमति है। सरकार की योजना है कि इस वायरस की जांच के लिए लैब की संख्या दोगुनी की जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 60 मान्यता प्राप्त निजी लैबों को जल्द ही टेस्ट कराने की इजाजत दी जाएगी। अधिकारी ने कहा कि हम ऐसे लैबों के नाम तय करने जा रहे हैं। इसे लेकर काम तेजी से चल रहा है। कोविड-19 के लिए सरकारी लैबों में मुफ्त जांच की जा रही है।
आईसीएमआर में महामारी एवं संचारी रोग के प्रमुख रमन आर. गंगाखेड़कर ने बताया कि कोरोना टेस्ट की क्षमता को लेकर कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि हमारे पर 52 लैब हैं। भारत मौजूदा वक्त में रोजाना करीब 10 हजार टेस्ट कर सकता है। अभी रोजाना करीब 600 सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी 60 हजार टेस्टिंग किट मौजूद हैं और दो लाख ऑर्डर किए गए हैं।