ऐसे में जब भारत कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहा है, सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वायरस फिर से उभर सकता है और इसलिए राज्यों के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी की जानी चाहिए, बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की जरूरत है, जबकि पाबंदियां और उचित व्यवहार का अनुपालन होना चाहिए।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने इन आरोपों को खारिज किया कि सरकार दूसरी लहर की तीव्रता से अनजान थी। उन्होंने कहा कि हम इस मंच से बार-बार चेतावनी देते रहे कि कोविड-19 की दूसरी लहर आएगी।
उन्होंने कहा, यह कहा गया था कि सीरो-पॉजिटिविटी 20 प्रतिशत है, 80 प्रतिशत आबादी अभी भी जोखिम में है और यह वायरस कहीं गया नहीं है और अन्य देशों में भी इसका फिर से उभरना देखा जा रहा है।
पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री ने 17 मार्च को दूसरी लहर के उभरने के बारे में देश को दहशत उत्पन्न किए बिना बता दिया था और कहा था कि हमें इससे लड़ना होगा।
क्या ऐसी उच्चतम स्तर की उम्मीद थी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी मॉडलिंग उच्चतम स्तर किस आकार का होगा यह अनुमान नहीं लगा सकता क्योंकि वायरस के अप्रत्याशित व्यवहार के बारे में अच्छी तरह से पता है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम स्तर आएगा, वायरस फिर से उभर सकता है, हम जानते हैं। इसलिए राज्यों के सहयोग से देश स्तर पर तैयारी की जानी चाहिए, बुनियादी ढांचे को बढ़ाना होगा, रोकथाम के उपायों को लागू करना होगा और कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि हमने दहशत उत्पन्न नहीं की थी, अन्य देशों ने कई उच्चतम स्तर क सामना किया है, आखिरकार यह एक महामारी है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी की प्रकृति है कि यह अंततः गांवों में जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह महामारी विज्ञान अच्छी तरह से ज्ञात है। पॉल ने लोगों से कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन करने और टीकाकरण को अपनाने का आग्रह किया।