मेराज कहते हैं कि इस घटना को लोगों के सामने लाना जरूरी है। बिहार सरकार ने पीड़ित बच्चों को मुआवजे में चार लाख रुपये का चेक दिया है। प्रियंका देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र मिल गया था जिसके बाद जिला प्रशासन ने मुआवजे के तौर पर चार लाख रुपए का चेक दे दिया है।
लेकिन अभी तक पिता की मौत का प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। मेराज उसे हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बच्चों को पिता की मौत का भी मुआवजा मिल सके।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महामारी में मारे गए लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार लाख रूपये देने का ऐलान किया था। मेराज कहते हैं कि कुछ लोग बाद में मदद के लिए आगे आए।
मेराज कहते हैं कि यह घटना बिहार में कोरोना महामारी की कहानी का सार है ये कहानियां हैं अफवाहों, मौतों और गांवों में हो रहे सामाजिक बहिष्कारों की यह कहानी है अपनों की मौत के बाद अकेले पड़ जाने की। जैसे सोनी की दास्तां या फिर कहानी उन शवों की जो बक्सर में गंगा नदी के तट पर बहकर किनारे लग गए।
बक्सर में गंगा नदी के किनारे तैरती लाशों की घटना सामने आने के बाद पटना हाईकोर्ट ने अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की ओर से बताई जाने वाली मौतों की संख्या में अंतर पर खासी नाराजगी जताई है।
जजों ने बिहार के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव से पूरी तरह जाँच-पड़ताल के बाद दो दिन बाद नए सिरे से रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, डिवीजनल कमिश्नर के आधिकारिक बयान के मुताबिक 5 से 14 मई के बीच बक्सर के चारधाम घाट पर 789 शवों का अंतिम संस्कार हुआ था।