टीका प्रबंधन और टीकों की कमी का असर टीकाकरण अभियान पर पड़ रहा है। क्रिसिल एक रिपोर्ट के अनुसार एक सप्ताह पहले जहां प्रति दस लाख में 1,455 लोगों को टीका लगाया जा रहा था वहीं 23 अप्रैल को यह घटकर 980 लोग प्रति दस लाख रह गया है। जो कि दुनियाभर में लगाए जाने वाले टीकों के औसत प्रति दस लाख में 3,564 से काफी कम है। टीकों की आपूर्ति में कमी के चलते आने वाले समय में यह और कम हो सकती है।
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क्रिसिल के मुताबिक इस महामारी में राहत की बात यह है कि रोजाना मिल रहे सक्रिय मामले तेजी से कम हो रहे हैं। लगातार दो हफ्तों में मामलों में गिरावट दर्ज की गई। 23 मई को खत्म हफ्ते के दौरान मामलों में 22 फीसदी की गिरावट रही जबकि इससे पहले सप्ताह में रोजाना मिल रहे 15 फीसदी सक्रिय मामले कम हुए थे।
क्रिसिल के मुताबिक इससे यह माना जा सकता है कि 6 मई को ही देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक आ गया था। इस दिन 4.14 लाख मामले दर्ज किए गए थे। वहीं अब मामले गिरकर 2 लाख से नीचे आ गए हैं।