केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच टीकाकरण को बढ़ाने के लिए विदेशी कंपनी के आवेदन पर तीन दिन में फैसला लेना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विदेशी वैक्सीन को भारत में अनुमति देने के मामले में बृहस्पतिवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत भारत में वैक्सीन के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति विदेशी कंपनियों को तभी मिल सकेगी, जब वे किसी भारतीय एजेंट के सहयोग से ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को आवेदन करेंगे।
हाल ही में नेशनल टास्क फोर्स ने भारत में वैक्सीन की संख्या बढ़ाने के लिए सिफारिश की थी। टास्क फोर्स ने कहा था कि विदेशों में जिन वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है या फिर जो वैक्सीन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सूची में शामिल हों, उन्हें सीधे तौर पर भारत में भी इस्तेमाल की अनुमति प्रदान की जा सकती है। जबकि अभी तक नियम था कि विदेशी कंपनी को भारत में अनुमति लेने से पहले भारतीय लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण करना जरूरी था।
मंत्रालय ने जारी किए दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी भी विदेशी कंपनी की वैक्सीन को अनुमति देने के लिए तीन दिन में फैसला लिया जाएगा। पहले 100 लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा। सात दिन तक उनमें सुरक्षा की दृष्टि से समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा कसौली स्थित केंद्रीय लैब में उस वैक्सीन के बैच की तत्काल जांच भी होगी।
यहां से अनुमति मिलने के बाद ही कंपनी 100 लोगों का टीकाकरण कर सकती है। वहीं वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिलने के 30 दिन में कंपनी को क्लीनिकल ट्रायल से जुड़े दस्तावेज भी सौंपने होंगे। आवेदक कंपनी अनुमति मिलने के बाद परीक्षण कर परिणाम विशेषज्ञ समिति (एसईसी) के समक्ष प्रस्तुत कर सकती हैं।