तेलंगाना सरकार ने बताया कि शनिवार को राज्य में टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना (AEFI) के 11 मामले सामने आए हैं। तेलंगाना में शनिवार को कुल 3,962 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है।
COWIN एप में तकनीकी खराबी के कारण महाराष्ट्र में कोरोना टीकाकरण को 18 जनवरी तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी है।
दिल्ली के बाद तेलंगाना में कोरोना टीकाकरण का दुष्प्रभाव सामने आया है। ताजा जानकारी के अनुसार राज्य में 11 लोगों को प्रतिकूल प्रभाव महसूस हुए।
दिल्ली के एनडीएमसी के चरक पालिका अस्पताल में कोरोना वैक्सीन प्राप्त करने वाले 2 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाने के बाद दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ा। उन्हें सीने में हल्के दर्द की शिकायत हुई। उन्हें एईएफआई टीम द्वारा निगरानी में रखा गया था, जब उन्हें सामान्य महसूस हुआ तो आधे घंटे के बाद छुट्टी दे दी गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना टीकाकरण का पहला दिन बिल्कुल सफल रहा और किसी भी तरह के प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आए।
शनिवार को टीकाकरण समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन कोविशील्ड की सप्लाई सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में किया है। वहीं भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन 12 राज्यों को आपूर्ति की गई।
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा अधीक्षक से अनुरोध किया कि वे उन्हें ऑक्सफोर्ड की कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड लगाई जाए। उन्होंने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को लेकर आशंका जताई है।
गुजरात में डॉक्टरों के साथ राजकोट के मेडिकल वैन चालक को टीकाकरण अभियान के पहले दिन कोविड-19 वैक्सीन लगाई गई।
लेह में अग्रिम चौकियों पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों को कोविड-19 का टीका लगाया गया। एक सैनिक ने कहा, 'आज हमें लद्दाख के सेक्टर अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं हुआ और मुझे अच्छा लग रहा है।'
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में आज मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की उपस्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन लगाई गई।
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह राणा को आज भारत बायोटेक की कोवैक्सिन टीका लगाया गया।
केंद्रीय गृह राज्य जी किशन रेड्डी ने कोविड वैक्सीन की प्रभावकारिता पर संदेह को लेकर कहा, 'मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि ऐसी बातें न करें। अन्य देशों में परीक्षण की गई दवाओं को अच्छा माना जाता है, लेकिन जब हमारे वैज्ञानिक भारत में दवाओं का निर्माण और विकास करते हैं, तो लोग इसे गलत तरीके से देखते हैं। मैं इस तरह की चीजों पर चर्चा न करने का अनुरोध करता हूं। परीक्षण के बाद ही टीकों को मंजूरी दी गई है। मैं यह विश्वास से कहता हूं कि टीके सभी को लाभान्वित करेंगे।'
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोहाली के सिविल अस्पताल में चल रहे वैक्सीनेशन का जायजा लिया।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'जिस तरह से भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में कोविड के खिलाफ मजबूती से खड़ा है वो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। आज प्रधानमंत्री द्वारा दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के शुभारंभ के साथ ही भारत एक कोविड मुक्त राष्ट्र बनने की राह पर अग्रसर है।'
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने पर कहा, 'भारत ने इस महामारी से जिस प्रकार से मुकाबला किया उसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। केंद्र और राज्य सरकारें, स्थानीय निकाय, हर सरकारी संस्थान, सामाजिक संस्थाएं, कैसे एकजुट होकर बेहतर काम कर सकते हैं, ये उदाहरण भी भारत ने दुनिया के सामने रखा है।'
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, 'महाराष्ट्र को कोरोना वायरस वैक्सीन की 17.50 लाख खुराक की जरूरत है, क्योंकि 8 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में पंजीकरण कराया है। हमें 10 लाख खुराक मिली है और हमें अभी भी 7.5 लाख की जरूरत है।'
लेह के सेक्टर अस्पताल में कुल 20 आईटीबीपी जवानों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। इसमें दो महिला अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कात्यायनी शर्मा पांडे और चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्केलांग अंगो शामिल हैं।
हैदराबाद के कोंडापुर जिला अस्पताल में टीकाकरण अभियान का समापन होने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने जश्न मनाया।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को कहा, 'भारत में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले घटकर कुल पॉजिटिव मामलों के 2 प्रतिशत रह गए हैं। कोरोना वायरस का रिकवरी रेट अब 96.56 प्रतिशत है।'
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहे कोरोना वायरस वैक्सीनेशन का जायजा लिया। राजधानी दिल्ली में आज कुल 81 साइट पर वैक्सीनेशन चल रहा है।
लखनऊ में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हम लोगों के लिए खुशी की बात है कि वैक्सीनेशन का सिलसिला आज से शुरू हो गया है। हमने 2 स्वदेशी वैक्सीन बना ली हैं और 4 वैक्सीन और आने वाली हैं। ये वैक्सीन केवल भारतवासियों को ही नहीं लगाई जाएंगी बल्कि दुनिया के दूसरे देशों को भी जल्द ही निर्यात की जाएंगी।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीकाकरण शुरू होने पर कहा, 'देश आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में भारत ने एक अहम पड़ाव पार किया है। विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान, भारत के वैज्ञानिकों की अपार क्षमता और हमारे नेतृत्व की शक्ति को दर्शाता है। भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है, जिसने मानवता के विरुद्ध आए सबसे बड़े संकट को समाप्त करने की दिशा में विजय पाई है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि से हर भारतीय गौरवान्वित है। यह विश्वपटल पर एक नए आत्मनिर्भर भारत का उदय है। सभी वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, 'सभी को इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। अंत में, टीका आ गया है। टीकाकरण 167 बूथों पर होगा। हर किसी का टीकाकरण करने में एक से डेढ़ साल का समय लगेगा। तब तक हमें कोविड-19 से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करना जारी रखना होगा।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा, 'उत्तराखंड में टीकाकरण की 33 सेशन साइट हैं और पहले चरण में हमारे 50,000 स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगेगी।'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई में बीकेसी जंबो कोविड-19 अस्पताल में टीकाकरण केंद्र का उद्घाटन किया और आज टीकाकरण कार्यक्रम का जायजा लिया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'कई प्रख्यात डॉक्टरों ने सरकार के साथ कोवैक्सिन की प्रभावकारिता और सुरक्षा के संबंध में सवाल उठाए हैं और कहा है कि लोग यह नहीं चुन पाएंगे कि उन्हें कौन सा वैक्सीन लेना है। यह सूचित सहमति के पूरे सिद्धांत के खिलाफ है। यदि वैक्सीन इतना सुरक्षित और विश्वसनीय है और वैक्सीन की प्रभावकारिता सवालों से परे है तो फिर यह कैसे हो सकता है कि सरकार के एक भी अधिकारी ने टीका नहीं लगवाया है क्योंकि ऐसा दुनिया भर के अन्य देशों में हो चुका है?'
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'आज हमने दिखाया है कि हम भारत के लोगों की रक्षा करने में 'आत्मानिर्भर' हो सकते हैं, हमने कम समय में कोरोना का टीका बनाया है। हमारे पास भारत में दो लाइसेंस प्राप्त टीके हैं, दोनों ही अच्छे टीके हैं। कृपया इसका सम्मान करें। अपने स्वयं के उत्पादों, अपने स्वयं के विज्ञान, स्वयं की प्रौद्योगिकी और नियामक प्रणाली में विश्वास करें और केंद्र एवं राज्य सरकार में विश्वास दिखाएं।'
दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहे टीकाकरण अभियान का जायजा लिया।
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, 'हमने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है और हमें पूरा विश्वास है कि यह एक सुगम कार्यक्रम होगा और हम बहुत बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण कर सकेंगे। जहां तक महामारी का संबंध है, इसके अंत की शुरुआत हो गई है। मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि टीका सुरक्षित है। यह प्रभावोत्पादक है। हमें बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण करना है और इसलिए हम बहुत ज्यादा चूजी नहीं हो सकते हैं। हमें अपने शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और नियामक अधिकारियों पर विश्वास होना चाहिए।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर अस्पताल में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम का जायजा लिया। उन्होंने कहा, 'भारत ने दुनिया की सबसे सफल वैक्सीन बनाई है, आज बलरामपुर अस्पताल में कुल 102 स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगेगी। अब तक 15 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है।'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलएनजेपी अस्पताल में टीकाकरण अभियान का निरीक्षण करने के बाद कहा, दिल्ली के 81 टीकाकरण केंद्रों पर 8,100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। विशेषज्ञों ने कहा है कि टीके सुरक्षित हैं।
भाजपा नेता और गौतमबुद्ध नगर से सांसद महेश शर्मा ने शनिवार को 'स्वास्थ्य कार्यकर्ता' के तौर पर कोरोना का टीका लगवाया। वे कोविड-19 का टीका लगाने वाले पहले सांसद बन गए हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने अपनी कंपनी द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन का एक शॉट लिया।
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, आज एक ऐतिहासिक दिन है। हम समयसीमा के भीतर टीकाकरण अभियान के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं और फिर एक स्वस्थ जम्मू और कश्मीर बनाने के लिए दूसरे चरण को पूरा करेंगे। हमें कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन को जारी रखने की आवश्यकता है।
जम्मू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कोविड-19 टीकाकरण अभियान जारी है। एक सफाई कर्मचारी ने कहा, 'महामारी के दौरान कोविड-19 कर्तव्यों का पालन करते हुए हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 6-7 महीने तक मैं घर भी नहीं गया। टीके से हमें उम्मीद है।'
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। हमने स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ शुरुआत की है और यह धीरे-धीरे अन्य लोगों को भी लगाया जाएगा। मैंने निम्न-आय वर्ग के लिए नि: शुल्क वैक्सीन का अनुरोध करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र को लिखा है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने कहा है कि टीका सुरक्षित है। यहां तक कि इंग्लैंड की रानी के पास भी है, वह 93 साल की हैं। उनके पति जो 99 साल के हैं, उनके पास भी है। तो किस बात का डर है? डरने की कोई जरूरत नहीं है।'
मुंबई के घाटकोपर इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोरोना वायरस का पुतला जलाकर जश्न मनाया। कोविड-19 के खिलाफ आज से देशव्यापी टीकाकरण अभियान के पहले चरण की शुरुआत हो गई है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, 'दिल्ली में आज से वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। 81 केंद्रों पर यह वैक्सीनेशन एक साथ शुरू की गई है जिसमें ज्यादातर अस्पताल हैं। एक केंद्र पर 100 लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। कुल मिलाकर आज 8100 लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना है।'
दिल्ली एम्स में कोरोना का पहला टीका लगवाने वाले सफाई कर्मचारी मनीष कुमार ने कहा, 'मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा है, वैक्सीन लगने से मुझे कोई झिझक नहीं होगी और मैं अपने देश की और सेवा करता रहूंगा। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मेरे मन में जो डर था वो भी निकल गया। सबको वैक्सीन लगवानी चाहिए।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, यह शायद दुनिया में कहीं भी कोविड-19 के खिलाफ सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है। भारत के पास ऐसी चुनौतियों को संभालने का जबरदस्त अनुभव है। हमने पहले ही पोलियो और चेचक का उन्मूलन किया है।
ओडिशा में एम्स के पूर्व निदेशक और एसओए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक मोहापात्रा ने भुवनेश्वर के एसयूएम अस्पताल में कोविड-19 वैक्सीन लगवाई।
गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की मौजूदगी में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई।
मध्यप्रदेश के इंदौर में आशा पवार को कोरोना का पहला टीका लगाया गया है।
जम्मू और कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। एक स्वयंसेवक ने कहा, 'मैं खुश हूं। मैंने स्वयंसेवकों को दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए पहला टीका लगवाया है जिससे दूसरों को भी वैक्सीन का लाभ मिल सके।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दिल्ली एम्स में भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन की एक खुराक को दिखाया। आज से देशभर में टीकाकरण का पहला चरण शुरू हो गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, 'आज मैं बहुत खुश और संतुष्ट हूं। हम पिछले एक साल से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह वैक्सीन कोरोना वायरस की लड़ाई में 'संजीवनी' का काम करेगी, जिसने अंतिम चरण में प्रवेश किया है।'
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हमीदिया में वार्ड बॉय श्री संजय यादव को कोरोना का पहला टीका लगाया गया। इसके साथ ही प्रदेश में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है।
दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एम्स में कोविड-19 का टीका लगवाया।
दिल्ली एम्स में एक सफाई कर्मचारी को कोविड-19 वैक्सीन का पहला टीका लगाया गया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंदे मोदी ने किया टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दिन का बेसब्री से इंतजार था।
भारत में जल्द ही कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। राजस्थान के जयपुर में सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल का दृश्य।
ओडिशा के संबलपुर जिले का जिला मुख्यालय अस्पताल कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है।
ओडिशा के संबलपुर जिले का जिला मुख्यालय अस्पताल कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है।
झारखंड के रांची में स्थित सदर अस्पताल कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत के लिए तैयार है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कर्मचारी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 10:30 बजे टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे।
महाराष्ट्र के कूपर अस्पताल के कर्मचारी लाभार्थियों का स्वागत करने के लिए आरती की थालियों और मिठाइयों के साथ प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कर्नाटक के बंगलूरू मेडिकल कॉलेज और अनुसंधान संस्थान टीकाकरण के पहले चरण की शुरुआत के लिए पूरी तरह से तैयार है।
महाराष्ट्र के कूपर अस्पताल के टीकाकरण केंद्र में जैसी ही वैक्सीन पहुंची, स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया।
बिहार की राजधानी पटना में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) को कोवड -19 टीकाकरण अभियान के शुभारंभ से पहले फूलों और गुब्बारों से सजाया गया है।
आज से कोविड-19 के खिलाफ देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत होने वाली है। असम के गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज का दृश्य।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर सुरेश कुमार ने कहा, 'डॉक्टरों, नर्सिंग और स्वच्छता कर्मचारियों को आज वैक्सीन दी जाएगी।'
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीएचयू अस्पताल को कोरोना टीकाकरण के लिए गुब्बारों से सजाया गया है। बीएचयू के एडिशनल सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने कहा, 'कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा और लोगों की भीड़ से बचने के लिए टीकाकरण स्लॉट में किया जाएगा।'
देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर में टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोविड-19 टीकाकरण केंद्र का एक दृश्य। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज एम्स जाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10.30 बजे देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
इंदौर के जिलाधिकारी मनीष सिंह ने वैक्सीन पहुंचने पर ट्वीट कर कहा, 'आखिर पहुंच गई वैक्सीन। इस लम्हें का इंतजार दुनिया को एक अरसे से था। इंदौर आज इन ऐतिहासिक पलों की गवाही देगा।'
तेलंगाना के हैदराबाद के नामपल्ली में स्थित एरिया अस्पताल को राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के पहले चरण की शुरुआत से पहले फूलों और गुब्बारों से सजाया गया है।
टीकाकरण शुरू होने के दो से तीन दिन में राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख प्रो. वी.के. पॉल और एम्स निदेशक प्रो. रणदीप गुलेरिया कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन ले सकते हैं।
वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है। क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन टीकाकरण के बाद भी आपको संक्रमित कर सकता है।
लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी उसी वैक्सीन की लेनी होगी जिसका उन्होंने पहला डोज लिया था। उन्हें वैक्सीन बदलने की इजाजत नहीं है।
कोरोना वैक्सीन के दो डोज होंगे। दूसरा डोज पहले डोज के 24 दिन बाद दिया जाएगा। दूसरे डोज के तीन से साढ़े तीन हफ्ते के अंदर एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाएगी।
देश की राजधानी दिल्ली में 8,000 से अधिक, ज्यादातर युवाओं को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इन्हें 81 सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त में टीका लगेगा, जहां सारी तैयारियां कर ली गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग शनिवार से कोविड-19 टीकाकरण के लिए राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत कर रहा है। टीकाकरण की प्रक्रिया एम्स ऋषिकेश और दो निजी चिकित्सा संस्थानों सहित उत्तराखंड के 34 केंद्रों पर शुरू होगी।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को उस स्थिति में मुआवजे का भुगतान किया जाएगा, यदि वे एक गंभीर प्रतिकूल बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं जो वैक्सीन लगाने के बाद उन्हें होती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को कोरोना की वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी क्योंकि इन पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को ही लगाई जाएगी।
कोरोना महामारी, वैक्सीन रोलआउट और को-विन सॉफ्टवेयर से संबंधित सवालों के लिए एक कॉल सेंटर- 1075 बनाया गया aहै। यह कॉल सेंटर 24x7 काम करेगा।
टीकाकारण अभियान के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन लगभग 3 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा।
भारत में सबसे पहले उन एक करोड़ 60 लाख कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगेगा जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं। इनमें 51 लाख 82 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी, 4 लाख 31 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, 1 करोड़ 3 लाख 66 हजार सामाजिक कार्यकर्ता और 1 लाख 5 हजार से ज्यादा पोस्टल सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
भारत में आज कोविड-19 के खिलाफ देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10:30 बजे इसकी शुरुआत करेंगे।
राजस्थान में जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य सुधीर भंडारी को सबसे पहले टीके की खुराक दी जाएगी जबकि मध्यप्रदेश में एक अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और एक सहायक समेत अन्य लोग सबसे पहले टीका लेने वालों में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर के सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों समेत कुछ अन्य लोगों को टीके की पहली खुराक दी जाएगी और अभियान के दौरान 16,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे।
असम में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हिमंत विश्व सरमा ने बताया कि 1.9 लाख स्वास्थ्यकर्मियों में से 6,500 को पहले दिन टीका लगाया जाएगा।
दिल्ली में, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में एलएनजेपी अस्पताल में एक डॉक्टर, एक नर्स और एक सफाई कर्मचारी को कोविड-19 का टीका दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में 81 केंद्रों पर कोविड-19 का टीकाकरण अभियान शुरू होगा।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुंबई में बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स में एक केंद्र से टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बताया कि मुंबई में नौ केंद्रों पर टीकाकरण होगा। पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल ने बताया कि टीकाकरण अभियान के पहले दिन शहर में 800 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की खुराक दी जाएगी।
सरकार के मुताबिक, सबसे पहले एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले करीब दो करोड़ कर्मियों और फिर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी। बाद के चरण में गंभीर रूप से बीमार 50 साल से कम उम्र के लोगों का टीकाकरण होगा। स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम कर्मियों पर टीकाकरण का खर्च सरकार वहन करेगी। सारे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने टीकाकरण के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
भारत में पहले दिन तीन लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को कोविड-19 के टीके की खुराक दिए जाने के साथ शनिवार को दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम होगा जिसमें समूचे देश को शामिल किया जाएगा और जन भागीदारी के सिद्धांतों पर इसकी शुरुआत के लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्माण भवन परिसर में बनाए गए विशेष कोविड-19 नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता समूह के लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी। आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) कर्मियों समेत सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को इस चरण में टीके दिए जाएंगे। हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा।
उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा विकसित ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक द्वारा विकसित ‘कोवैक्सीन’, दोनों टीकों को सुरक्षा के मानकों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है और महामारी को रोकने में यह सबसे महत्वपूर्ण औजार है।
‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ की 1.65 करोड़ खुराकों में से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डाटाबेस में उपलब्ध स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या के हिसाब से टीकों का आवंटन कर दिया गया है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 10 प्रतिशत खुराकों को सुरक्षित रखने और एक दिन में एक सत्र में 100 लोगों के टीकाकरण के लिए कहा गया है। कोविड-19 महामारी, टीकाकरण की शुरुआत और कोविन सॉफ्टवेयर के संबंध सवालों के जवाब के लिए एक कॉल सेंटर-1075 भी बनाया गया है।