कोरोना महामारी के बढ़ते दायरे को टीकाकरण का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। आठ राज्यों में कोरोना का टीकाकरण तेज है। 60 फीसदी से ज्यादा टीकाकरण इन्हीं राज्यों में हुआ है। जबकि अन्य रफ्तार धीमी है। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 9.68 फीसदी टीकाकरण हुआ है।
केरल, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा टीकाकरण हुआ है। इस मामले में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर सबसे पीछे हैं। मंत्रालय ने बताया कि टीकाकरण के तीसरे चरण में पिछले एक दिन में 27.38 लाख लोगों ने वैक्सीन ली है।
कुल संख्या 7.59 करोड़ से अधिक हो चुकी है। करीब 1 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने दो डोज लेकर कोर्स पूरा कर लिया है। मंत्रालय ने बताया है कि महाराष्ट्र एक मात्र ऐसा राज्य है जहां अब तक 65.59 लाख लोगों को पहला और 7.95 लाख से भी अधिक को दूसरा डोज दिया गया है।
कम आयु के लोगों ने फर्जी दस्तावजों से लगवाया टीका
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के साथ ही लोगों में वैक्सीन लगवाने की होड़ लग गई है। तीसरे चरण में 45 या उससे ज्यादा के लोगों को टीका लगाया जा रहा है लेकिन कई राज्यों में फर्जी स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर बनकर कम आयु वर्ग के लोग भी वैक्सीन लगवा रहे हैं।
यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों से इन्ही शिकायतों के बाद स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों के नए पंजीयन पर रोक लगाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में पिछले कुछ दिन में ही स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर के पंजीयन में 24 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। कुछ शंकाओं के कारण 16 जनवरी से इस वर्ग का टीकाकरण शुरू होने के 78 दिन बाद भी अधिकतर स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर टीका नहीं ले पाए हैं।