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Corona strain: चार महीने पहले ब्रिटेन से भारत आया वायरस का स्वरूप फैला देश में

Thu, 06 May 2021 06:36 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • 26 राज्यों में यूके तो 18 राज्य में दोहरा म्यूटेशन का मिला सामुदायिक प्रसार
  • 485 यात्री और उनके परिवारों से फैला कोरोना वायरस का नया स्वरूप, ब्राजील का केवल एक ही केस रहा
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new Corona strain - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना वायरस की आक्रामक दूसरी लहर के पीछे यूके और दक्षिण अफ्रीका में फैले नए स्ट्रेन हैं जो चार महीने पहले ही भारत आए थे। फिलहाल स्थिति यह है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पूरे देश में फैल चुका है। जीनोम सीक्वेसिंग के जरिए सरकार को पता चला है कि ब्रिटेन में फैला स्ट्रेन भारत में केवल 485 यात्री और उनके परिवार से यह वायरस सामुदायिक फैलाव तक पहुंच गया। 26 राज्यों में सरकार को यूके वैरिएंट मिला है। जबकि 18 राज्यों में दोहरा म्यूटेशन भी सबसे ज्यादा लोगों में मिला है। जिन लोगों ने कभी विदेश यात्रा भी नहीं की उनमें भी यह नए स्ट्रेन काफी गंभीर परिणाम दिखा रहे हैं।

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दरअसल भारत सहित दुनिया के ज्यादातर देशों में कोरोना वायरस के कई स्ट्रेन सामने आ चुके हैं। भारत में भी अब तक कई स्ट्रेन मिल चुके हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में यूके वैरिएंट भारत में मिला था लेकिन उसके बाद फरवरी तक आठ से 10 वैरिएंट भारत में मिल चुके थे। वैज्ञानिकों के अनुसार वायरस के सभी स्ट्रेन वैरिएंट होते हैं लेकिन सभी वैरिएंट को स्ट्रेन नहीं माना जा सकता है।

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि यूके वैरिएंट 485 यात्री और उनके संपर्क में आने वाले लोगों में मिला था। इसके बाद यह वायरस 1392 लोगों में मिला। इससे पता चला कि देश में महामारी को बढ़ाने में 50 फीसदी योगदान यूके वैरिएंट का रहा है। इसकी वजह से मरीजों की गंभीर स्थिति भी हो रही है। जैसे पिछले साल की तुलना में इस बार सांस लेने की परेशानी से ग्रस्त मरीजों की संख्या तीन से बढ़कर 54 फीसदी तक पहुंच गई है। 28 में से 26 राज्यों में यूके वैरिएंट का सामुदायिक प्रसार देखने को मिल चुका है।
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18 राज्यों में मिला दोहरा म्यूटेशन
ठीक इसी तरह 18 राज्यों में दोहरा म्यूटेशन मिला है। इससे ग्रस्त 1527 में से केवल 18 लोग ऐसे थे जो विदेशों से संक्रमित होकर आए थे। बाकी सभी लोग देश में ही संक्रमित हुए। इनके अलावा दक्षिण अफ्रीका से भारत आने वाला वैरिएंट सामुदायिक प्रसार में यूके वैरिएंट की तुलना में कम मिला है। इसके 127 मामले सरकार के सामने आए हैं जिनमें से सामुदायिक प्रसार से जुड़े 34 मामले हैं। हालांकि एक राहत यह है कि ब्राजील में फैला वायरस भारत में सिर्फ एक ही व्यक्ति में मिला जिसे समय पर आइसोलेट कर लिया गया।

वायरस के नए वैरिएंट पर खामोश थी सरकार
अभी तक कोरोना वायरस के नए वैरिएंट कोलेकर सरकारें खामोश थीं। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते आ रहे थे कि देश में दूसरी लहर के पीछे नए वैरिएंट की वजह सामने नहीं आई है। उन्होंने यहां तक कहा कि देश में नए वैरिएंट मिले हैं लेकिन इनकी वजह से अधिक मौतें हो रही  या मामले ज्यादा आ रहे हैं, ऐसा कहा नहीं जा सकता। हालांकि एनसीडीसी के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने अब इस पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है।
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ये हैं देश में फैले कोरोना के स्वरूप
.बी1.1.7 नामक यूके वैरिएंट से 50 फीसदी महामारी तेज हुई, गंभीर मरीज भी बढ़े।
. बी1.351 दक्षिण अफ्रीका के इस वैरिएंट से 50 फीसदी मामले बढ़े, लोगों में एंटीबॉडी भी कम कर दीं।
. पी.वी ब्राजील से आया यह वैरिएंट केवल एक व्यक्ति में ही मिला।
. एल452आर और ई484क्यू नामक दो वैरिएंट को मिलाकर बी.1.617 एक नया वैरिएंट बना है जिसे डबल म्यूटेशन कहा जा रहा है।
-एल452आर, ई484क्यू/के, एन501वाई और एन440के नामक वैरिएंट भी अलग अलग मिल चुके हैं। 

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