राजधानी के दूसरे अस्पतालों में भी दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए जगह नहीं बची है। बीएल कपूर अस्पताल, मैक्स अस्पताल और मेट्रो हॉस्पिटल सूत्रों ने बताया है कि उनके यहां कोरोना बेड पूरी तरह भरे हुए हैं। नॉन-कोरोना बेड्स की उपलब्धता भी बिलकुल नहीं है और मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
एम्स अस्पताल में ओपीडी सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं तो दूसरे अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों को ही प्रमुखता से देखा जा रहा है। राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को पूरी तरह कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसका असर दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को हो रहा है और उनके उपचार में मुश्किलें आ रही हैं।
राजधानी में कोरोना की स्थिति लगातार खराब होते देख मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में राजधानी में दोबारा कोविड अस्थायी अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया। कुछ प्राइवेट-सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह कोरोना इलाज के लिए आरक्षित करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। साथ ही सभी सरकार और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से कोरोना नियमों का पालन करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री को बताया है कि अस्पतालों में तेजी से बेड भरते जा रहे हैं। हालांकि अभी कुछ बेड्स उपलब्ध हैं, लेकिन जिस तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए तत्काल आपात कदम उठाये जाने की आवश्यकता बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से यह भी अपील की है कि बेहद आवश्यक होने पर ही अस्पताल में भर्ती होने का विकल्प अपनाएं। कोशिश करें कि माइल्ड स्तर का संक्रमण होने की स्थिति में अपने घर पर ही रहकर अपना इलाज कराएं। दिल्ली सरकार की हेल्प लाइन पर इससे जुड़ी किसी भी सहयता के लिए मदद मांगी जा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा है कि कोरोना के पहले फेज में राजधानी के सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों में कुल मिलाकर 18 हजार कोविड बेड बनाए गए थे। अब दोबारा संक्रमण को बढ़ते हुए देखने के बाद उसी स्तर की तैयारी की जा रही है, जिससे सभी लोगों को बेड्स की सुविधा दी जा सके। उन्होंने कहा कि अभी केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1090 बेड्स और जबकि नवंबर महीने में 4000 से ज्यादा कोरोना बेड्स उपलब्ध थे। दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से दोबारा बेड क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया है।