देश में शाकाहारी और धूम्रपान करने वालों में कोरोना का संक्रमण कम मिला है। साथ ही ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों के वायरस की चपेट में आने की आशंका भी कम दिखी है। यह खुलासा देश की शीर्ष अनुसंधान संस्था के सीरो पॉजिटिविटी सर्वे में हुआ है। सीएमआईआर द्वारा किए इस शोध में लोगों में कोरोना एंटीबॉडी की मौजूदगी और उनकी वायरस को बेअसर करने की क्षमता जांची गई थी।
140 वैज्ञानिकों ने 10 हजार लोगों पर किया सर्वे
140 वैज्ञानिकों चिकित्सकों की टीम ने यह शोध सीएसआईआर की 40 से ज्यादा प्रयोगशालाओं में कार्यरत 10,427 वयस्कों और उनके परिवार के सदस्यों पर किया था।
इसमें पता लगा कि कोरोना के श्वसन संबंधी बीमारी होने के बावजूद धूम्रपान इसमें शुरुआती बचाव कर सकता है। क्योंकि इससे बड़ी मात्रा में श्लेष्मा बनता है। हालांकि वैज्ञानिकों ने आग्रह किया गया है कि कोरोना संक्रमण पर धूम्रपान और निकोटीन के प्रभाव को समझने के लिए ज्यादा गहन अध्ययनों की जरूरत है।
फाइबर युक्त शाकाहार से बचाव
शोध के मुताबिक धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए बेहत हानिकारक है और इससे कई बीमारियां होती हैं। लिहाजा, इस अध्ययन के परिणामों को धूम्रपान को बढ़ावा देने वाला नहीं मानना चाहिए। शोध में शाकाहारी भोजन से प्रतिरक्षा मजबूत होने का दावा भी किया गया है। इसमें बताया गया है कि फाइबर से भरपूर होने के कारण शाकाहार कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता देने में भूमिका निभा सकता है।
ओ ब्लड ग्रुप पर सबसे कम, एबी वालों पर ज्यादा खतरा...इसके अलावा, सर्वे में पता लगा कि ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कोरोना अलावा, सर्वे में पता लगा है कि ओ ब्लड वालों में सीरो पॉजिटिविटी सर्वाधिक मिली। इससे पहले फ्रांस में हुए दो अध्ययनों और इटली, चीन व न्यूयॉर्क से आई रिपोर्टों में भी धूम्रपान करने वालों में कोरोना संक्रमण दर कम मिली है।