देश की आर्थिक राजधानी में व्यवसायिक गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए शुरू की गई अनलॉक की प्रक्रिया मिशन बिगिन अगेन के बाद मुंबई में तेजी से कोरोना संक्रमित बढ़े हैं। बृहन्मंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आंकड़ों पर गौर करें तो यह अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद महानगर में साढ़े 59.88 कोरोना संक्रमित बढ़े हैं।
अनलॉक की प्रक्रिया यानि महाराष्ट्र में मिशन विगिन अगेन 3 जून से शुरू की गई थी। तब मुंबई में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 43262 थी। जबकि 25 जुलाई को मुंबई में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 1 लाख 8 हजार के पार हो गई। यानी तीन जून से 25 जुलाई के बीच 52 दिनों में मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या में 64 हजार 709 संक्रमित बढ़े। जो कि मुंबई में कुल कोरोना मरीजों का करीब 59.88 फीसदी है। अनलॉक के बाद मुंबई में मृत्युदर भी दोगुनी हुई है। लेकिन डबलिंग रेट, रिकवरी और ग्रोथ रेट में सुधार हुआ है।
अनलॉक शुरू होने के बाद दक्षिण मुंबई से उत्तर मुंबई की ओर बढ़ा कोरोना
मुंबई में अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद दक्षिण मुंबई से कोरोना वायरस का प्रसार उत्तर मुंबई की तरफ तेजी से बढ़ा। हालांकि कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में वर्ली, भायखला, धारावी, वडाला और मलबार हिल एरिया में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे थे। जबकि उत्तर मुंबई के बोरिवली, मालाड, कांदिवली, दहिसर इलाके को मुंबई में सबसे सुरक्षित माना जाता था। क्योंकि यहां कोरोना संक्रमण के बहुत कम मामले सामने आ रहे थे। लेकिन अनलॉक शुरू होते ही इन इलाकों में तेजी से संक्रमण बढ़ा जिसे अभी तक नियंत्रित नही किया जा सका है।
सोसायटियों में 108 फीसदी बढ़ा कोरोना संक्रमण
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक महीने में ऊंची-ऊचीं इमारतों यानिक सोसायटियों में कोरोना के संक्रमण में तेजी आई है। इस दौरान सोसायटियों में 108 फीसदी कोरोना मरीज बढ़े है, जबकि झुग्गी-झोपड़ी बस्ती (स्लम) एरिया में इस दौरान 60 प्रतिशत कोरोना के मरीज मिले हैं।