एशिया की सबसे बड़ी और सघन झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना पर नियंत्रण मिलने के बाद बीएमसी लगातार कोरोना संक्रमण और मृत्युदर में कमी होने का दावा कर रही है। खुद बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने पिछले दिनों दावा किया कि मुंबई में कोरोना से मरने वालों की दर घट रही है। जबकि आंकड़े बताते हैं कि मुंबई में कोरोना वरिष्ठ नागरिकों के लिए काल बन चुका है।
मुंबई में कोरोना महामारी से 21 सितंबर तक कुल 8502 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों के मरने वालों का आंकड़ा 5126 है। यह औसत अब तक हुई कुल मौतों का 60.29 फीसदी है, जो काफी चिंता का विषय है। इस बीच मुंबई में पिछले 15 दिनों में कोरोना से 451 बुजुर्गों की मौत हो चुकी है, जो कोरोना से किसी भी उम्र के मरने वालों में सर्वाधिक है।
मुंबई में जब से कोरोना का प्रकोप शुरू हुआ है तभी से इस बीमारी के सबसे ज्यादा शिकार वरिष्ठ नागरिक ही हुए हैं। हालांकि कोरोना से मरनेवाले ज्यादातर बुजुर्ग किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। मुंबई में बीते कुछ दिनों तक संक्रमण के मामले में कमी आई थी। यह आंकड़ा एक हजार के आसपास था, लेकिन कुछ दिन की खामोशी के बाद वायरस फिर सक्रिय हो गया है। बीएमसी की कोशिशों के बावजूद पिछले कुछ दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है।
उम्र मौतें
60 - 69 वर्ष 2418
70- 79 वर्ष 1807
80-89 वर्ष 809
90 वर्ष से अधिक 92
‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत बीएमसी घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों के सेहत के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है। बुजुर्गों के ऑक्सीजन लेबल की जांच कर उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संदिग्ध लोगों को तुरंत इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर भेजा जा रहा है।
-डॉ. रमेश भारमल, डीन नायर अस्पताल