कोविड टास्क फोर्स ने कोरोना पर रोक लगाने के लिए राज्य में लॉकडाउन की सिफारिश की है। इसके बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने भी कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं इसलिए लॉकडाउन पर विचार करना पड़ सकता है। इसे लेकर अब सरकार में दो सुर सुनाई पड़ रहे हैं।
सीएम उद्धव ठाकरे के इस विचार से सरकार का सहयोगी दल एनसीपी सहमत नहीं है। महाराष्ट्र में मंत्री और एनसीपी नेता ने लॉकडाउन के मामले में उद्धव ठाकरे से एक दम अलग राय दी है। उन्होंने कहा है कि हम दोबारा लॉकडाउन को स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री से अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए कहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से उन्होंने प्रशासन से लॉकडाउन को लेकर तैयार रहने को कहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लॉकडाउन लगाना ही विकल्प है। अगर लोग नियमों का पालन करते हैं तो फिर इससे बचा भी जा सकता है।
बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को ऐसी योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिससे अर्थव्यवस्था कम से कम प्रभावित हो। सीएम के साथ हुई बैठक में राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ प्रदीप व्यास ने कहा कि आने वाले दिनों में बिस्तरों की संख्या, ऑक्सीजन आपूर्ति और वेंटिलेटर पर भारी दबाव होगा और अगर मामलों की संख्या बढ़ती है तो इनकी कमी का सामना भी करना पड़ सकता है।
बयान में मुख्यमंत्री ठाकरे के हवाले से कहा गया था कि लॉकडाउन की घोषणा होने पर लोगों के बीच किसी तरह के असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक मामले
कोरोना के चलते देशभर में सोमवार को 291 लोगों की मौत हुई है और देश में अब तक कुल 161,843 लोगों की जान जा चुकी है। महाराष्ट्र में सोमवार को संक्रमण के 31,,643 नए मामले सामने आए जो कि सबसे ज्यादा थे। इस दिन 102 मरीजों की मौत हुई। बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र सरकार सख्त लॉकडाउन लगाए जाने पर विचार कर रही है। हालांकि सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाया हुआ है।