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कोरोना: आईएमए का आरोप-लॉकडाउन के हमारे प्रस्ताव को केंद्र ने कूड़ेदान में फेंक दिया, अब तो जागे सरकार

Sat, 08 May 2021 10:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चिकित्सकों की शीर्ष संस्था आईएमए ने सरकार को घेरा है। देश में बेकाबू हालात के लिए उसने केंद्र को जिम्मेदार बताया है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार को घेरा। संघ ने कहा कि देश में दूसरी कोरोना लहर न फैले इसके लिए उसने केंद्र सरकार से पूर्ण लॉकडाउन की मांग की थी। केंद्र सरकार ने उसके प्रस्ताव को कूड़ेदान में डाल दिया। 

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आईएमए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा था कि केंद्र सरकार और स्वास्थ्स मंत्रालय नींद से जागें। कोरोना संकट में आ रही चुनौतियों का सामना करें। आईएमए ने आरोप लगाया है कि उनके सदस्यों और चिकित्सा क्षेत्र के विद्वानों की सलाह को भारत सरकार ने बिलकुल महत्व नहीं दिया। 


आईएमए ने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी को लेकर जो भी फैसले लिए जा रहे हैं, उनका जमीनी स्तर से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र के अधिकारी जमीनी हकीकत को समझने को तैयार नहीं है। वह पिछले 20 दिनों से लगातार केंद्र सरकार को योजनाबद्ध तरीके से पहले से घोषणा करके पूर्ण लॉकडाउन लगाने की गुजारिश कर रही है। 
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आईएमए ने केंद्र की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की 'सुस्ती' देखकर हैरान है। शनिवार को जारी अपने बयान में संस्था ने कहा कि वह कोविड महामारी से निपटने में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सुस्ती और अनुचित कार्रवाई देखकर हैरान हैं। 
 
बता दें, देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। अस्पतालों के हालात खराब हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या से चिकित्सक परेशान हैं। पिछले तीन दिनों से देश में रोज 4 लाख से ज्यादा नए केस आ रहे हैं। शनिवार को रिकॉर्ड 4100 से ज्यादा मौतें हुई हैं। 

आईएमए ने यह भी कहा कि देश में अलग-अलग लॉकडाउन से कुछ नहीं होगा। राज्य अपने-अपने स्तर पर लॉकडाउन लगा रहे हैं, इससे कोई फायदा नहीं होगा। सरकार देश की  चिकित्सा व्यवस्था को तत्काल सुधारे। मेडिकल टीम को समय और सुविधाएं दी जाएं, ताकि वह बढ़ते मरीजों को संभाल सके। 
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