पुश्चिम बंगाल सहित चुनाव वाले पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों के साथ ही आम लोगों ने चुनाव प्रचार के दौरान सामाजिक दूरी की जिस तरह से धज्जियां उड़ाईं, उसका दुष्परिणाम कोरोना की दूसरी लहर के तौर पर सामने आ रहा है।
इन सभी राज्यों में कोरोना के मामले में जबर्दस्त उछाल दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में 1 मार्च से 13 अप्रैल के बीच कोरोना के मामलों में करीब 18 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, पुडुचेरी में एक पखवाड़े में संक्रमण के 16 गुना मामले बढ़े हैं। चूंकि बंगाल में आठ चरणों में चुनाव हो रहे हैं, यहां अब भी रैलियों और रोड शो का सिलसिला जारी है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में भी पंचायत चुनाव की गहमागहमी जारी है। इस बीच, बृहस्पतिवार को मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज से 46 वर्षीय कांग्रेस प्रत्याशी रेजाउल हक की मौत ने कोरोना को लेकर राजनीतिक दलों की गंभीरता पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते 15 मार्च से सभी चुनाव वाले राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं।
देश में 26 फरवरी तक कोरोना के 16,562 मामले दर्ज किए गए थे और 114 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। लेकिन 6 अप्रैल को इसमें छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और मामले बढ़कर 96,982 तक पहुंच गए। वहीं, कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में चार गुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा 446 पर पहुंच गया।
कोरोना से दो राजनेताओं की मौत
पश्चिम बंगाल में शमशेरगंज के कांग्रेस प्रत्याशी रेजाउल हक की कोरोना सक्रमण से मौत के पहले तमिलनाडु के श्रीविलिपुथुर से प्रत्याशी माधव राव का भी कोरोना से निधन हो गया था। वहीं, भाजपा नेता के अन्नामलाई, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केएस अलागिरी और वरिष्ठ डीएमके नेता कनिमोई और दुरई मुरुगन भी संक्रमित हो गए। केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ओमान चांडी कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में 1 मार्च को कोरोना के 200 नए मामले सामने आए थे। वहीं, 13 अप्रैल को यह बढ़कर 3,798 पर पहुंच गया। इस दौरान 10,10,086 लोगों की जांच हुई और 170 लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई। कोविड-19 इंडिया डॉट आर्ग के आंकड़ों के अनुसार बंगाल में 26 फरवरी को जहां 216 केस दर्ज किए गए थे। वहीं, 6 अप्रैल तक (तीसरे चरण के मतदान तक) इसमें करीब दस गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा 2,058 दर्ज किया गया।
तमिलनाडु
26 फरवरी को संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 481 दर्ज की गई थी। उसमें नौ गुना वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा 6 अप्रैल तक (वोटिंग के दिन) बढ़कर 3,645 पर पहुंच गया। वहीं मौतों की संख्या भी बढ़ी। 26 फरवरी को जहां 5 मौत दर्ज हुई थी 6 अप्रैल को बढ़कर वह 15 पर पहुंच गई। वहीं, 13 अप्रैल को यह 5,715 पर पहुंच गया।
केरल
चुनावी राज्यों में बढ़े संक्रमण के मामलों के बीच केरल में कोरोना के मामलों में मामूली कमी दिखी। 26 फरवरी को यहां 3,671 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, 6 अप्रैल को 3,502 दर्ज मामले दर्ज किए गए। यहां दोनों तारीखों में मृतकों की संख्या 14 ही दर्ज की गई। हालांकि यहां भी 13 अप्रैल को यह बढ़कर 5,615 पर पहुंच गया।
असम
असम में भी विधानसभा चुनाव के दौरान रैलियों और रोड शो का आयोजन हुआ था। यहां 26 फरवरी को 34 मामले दर्ज किए गए थे लेकिन 6 अप्रैल को यह बढ़कर 92 पर पहुंच गया। वहीं, 13 अप्रैल को यह आंकड़ा 378 पर पहुंच गया।
पुडुचेरी
पुडुचेरी में भी कोरोना के मामलों में तेजी दिखी। यहां 26 फरवरी को 20 मामले प्रकाश में आए थे, जबकि 6 अप्रैल तक यह बढ़कर 237 तक पहुंच गया। वहीं,13 अप्रैल को यह 313 तक पहुंच गया।