अधिकतर जिलों में कोरोना के मामले कम हो चुके हैं लेकिन महाराष्ट्र और केरल में स्थिति सामान्य नहीं है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। केंद्रीय टीमें भी यहां संक्रमण कम करने के लिहाज से स्थानीय प्रशासन के साथ तैनात हैं।
आंकड़ों के अनुसार देश के 52 फीसदी मरीजों का इलाज महाराष्ट्र और केरल में ही चल रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण की आर वैल्यू भी बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन्हीं कोरोना प्रभावित इलाकों से संक्रमण की अगली यानी तीसरी लहर को बढ़ावा मिल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में चार लाख से अधिक सक्रिय मरीज हैं। इनमें 26.1 फीसदी मरीज महाराष्ट्र में उपचाराधीन हैं। जबकि 25.8 फीसदी मरीजों का उपचार केरल में चल रहा है। अभी देश के 60 से अधिक जिलों में कोरोना की संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है। महाराष्ट्र और केरल के अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक सक्रिय मरीज हैं। इन तीनों राज्यों में क्रमश: 8.2, 7.2 और 6.4 फीसदी मरीज हैं।
इनके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण की आर वैल्यू काफी तेजी से बढ़ी है। केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय केस की संख्या बढ़ने से आर वैल्यू की रफ्तार भी बढ़ी है। आर वैल्यू के जरिए ही विशेषज्ञ संक्रमण के फैलने या कम होने का अनुमान लगा पाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जून के आखिर में यह वैल्यू 0.88 की रफ्तार से बढ़ी है। जबकि मई के आखिर में ये 0.78 तक पहुंच गया था।
दरअसल कोरोना की दूसरी लहर में जैसे ही नए मामलों की रफ्तार कुछ कम हुई थी, तब कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया तेजी से शुरू हुई थी। ऐसे में अब जब बाजारों में फिर भीड़ उमड़ रही है, तब बढ़ते हुए नए केस चिंता का विषय हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रो. रिजो एम जॉन का कहना है कि देश में अभी भी आर वैल्यू एक से नीचे है। हालांकि जिन राज्यों में सक्रिय मामले बढ़े हैं वहां यह वैल्यू बढ़ रही है जो बाकी क्षेत्रों के लिए गंभीर हो सकती है। मणिपुर-अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
लॉकडाउन की सलाह दी राज्यों को
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों सहित जहां-जहां संक्रमण बढ़ रहा है वह केंद्र की निगरानी में है। इनमें से कुछ इलाकों में अभी लॉकडाउन लगाने जैसी स्थिति भी है जिसके लिए संबंधित जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि हर जिले में लॉकडाउन की आवश्यकता अभी नहीं है, लेकिन अरूणांचल प्रदेश, केरल और कुछ अन्य राज्यों में करीब 20 से अधिक जिलों में यह जरूरी है। इस पर अभी काम चल रहा है। तीसरी लहर के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहला मकसद संक्रमण को इन्हीं जिलों में रोकने का है। अगर इसमें कामयाब होते हैं तो अगली लहर की आशंका ही नहीं रहेगी।