फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का असर: केरल में इस बार सादगी से मनाया जाएगा त्रिशूर पूरम कार्निवाल

Tue, 20 Apr 2021 07:58 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
विज्ञापन
भारत में कोरोना - फोटो : PTI
विज्ञापन

केरल में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने राज्य के सबसे बड़े सालाना सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्निवाल त्रिशूर पूरम को सादगी से मनाने के आदेश जारी किए हैं। ये आयोजन 23 अप्रैल को होना है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने राज्य में मंगलवार से नाइट कर्फ्यू लगाने का भी एलान किया है। 

विज्ञापन


त्योहार को सादगी से मनाने का फैसला मुख्य सचिव वी पी जॉय की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में तिरुवंबाडी और परेमेक्कावु मंदिर के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। 

केरल में मंगलवार से रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा
केरल सरकार ने राज्य में कोविड-19 के मामलों में तेज वृद्धि के मद्देनजर 20 अप्रैल से रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाने का सोमवार को फैसला किया। केरल में रविवार को कोविड-19 के 18257 नए मामले आए थे, जिससे राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12.39 लाख हो गई थी। सरकार ने राज्य में आने वाले सभी घरेलू यात्रियों को आरटी-पीसीआर जांच कराने का भी निर्देश दिया है। 
विज्ञापन


केरल में एसएसएलसी, 12वीं की परीक्षाएं कोविड-19 के मामलों के वृद्धि के बावजूद जारी रहेंगी
कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर चिंताओं के बावजूद केरल सरकार ने सोमवार को राज्य में जारी सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएसएलसी) और 12वीं की परीक्षाओं को सख्त स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और गहन एहतियाती उपायों के पालन के साथ जारी रखने का फैसला किया।

सामान्य शिक्षा विभाग ने यहां कहा कि परीक्षाएं मूल कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी और छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

डायरेक्टर ऑफ जनरल एजुकेशन (डीपीआई) ने यहां एक बयान में कहा कि परीक्षा देते समय छात्र एक-दूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करें, इसके लिये पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं।

उसने कहा कि शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और छात्रों को तीन स्तर के मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है। उसने कहा कि मुख्य परीक्षा अधीक्षकों को निर्देशित किया गया था कि वे शरीर के तापमान की जांच करने के बाद ही स्कूल परिसर में छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें