अब अगर सरकार इसे स्वीकृति देती है तो यह पहली बार होगा जब देश में प्राथमिक टीकाकरण में दी गई वैक्सीन के बजाय किसी भिन्न वैक्सीन को बूस्टर खुराक के रूप में दिया जाएगा। इससे पहले चार जून 2022 को बायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स को ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) की ने हरी झंडी दी थी।
केंद्र सरकार जल्द ही 'आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग' के लिए कॉर्बेवैक्स कोविड -19 बूस्टर को अपनी अंतिम मंजूरी देने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जुलाई के महीने में, कोविड-19 टीकाकरण पर एक सरकारी पैनल ने कोविशील्ड या कोवाक्सिन टीकाकरण वाले वयस्कों के लिए एहतियाती खुराक के रूप में बायोलॉजिकल-ई के कॉर्बेवैक्स को अनुमति देने की सिफारिश की है।
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अब अगर सरकार इसे स्वीकृति देती है तो यह पहली बार होगा जब देश में प्राथमिक टीकाकरण में दी गई वैक्सीन के बजाय किसी भिन्न वैक्सीन को बूस्टर खुराक के रूप में दिया जाएगा। इससे पहले चार जून 2022 को बायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स को ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) की ने हरी झंडी दी थी। बीते 4 जून को वैक्सीन निर्माता कंपनी बॉयोलॉजिकल ई लिमिटेड ने इसकी घोषणा की है। कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) की तरफ से 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के बूस्टर शॉट के लिए मंजूरी दी गई है।
आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए एक विषम COVID-19 बूस्टर शॉट के लिए DCGI अनुमोदन प्राप्त हुआ था। यह भारत की पहली वैक्सीन है जिसे विषम COVID-19 बूस्टर शॉट के लिए डीसीजीआई की मंजूरी मिली है। इससे पहले ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने पिछले साल 28 दिसंबर को वयस्कों में आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए अनुमति दी थी। साथ ही डीसीजीआई ने इस साल 9 मार्च को कुछ शर्तों के तहत 12 से 17 वर्ष की आयु वर्ग के लिए कोर्बेवैक्स को मंजूरी दी थी। बायोलॉजिकल ई के कोर्बेवैक्स का उपयोग 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के टीकाकरण के लिए किया जा रहा है।
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प्रबंध निदेशक महिमा दतला ने जारी किया बयान
बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महिमा दतला ने इस मौके पर कहा था कि हम इस अनुमोदन से बहुत खुश हैं, जो भारत में COVID-19 बूस्टर खुराक की आवश्यकता को पूरा करेगा। उन्होने कहा कि भारत ने कोरोना टीकाकरण यात्रा में एक और मील का पत्थर पार कर लिया है।
भारत ने 10 जनवरी से स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया था। देश ने 16 मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया और साथ ही कॉमरेडिटी क्लॉज को भी हटा दिया, जिससे 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग कोविड के टीके की एहतियाती खुराक के लिए पात्र हो गए। भारत ने 10 अप्रैल को 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोविड-19 टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया।