संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकासशील देशों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक नया और समर्पित तंत्र बनाने की आवश्यकता है। ऐसी निधि जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए।
भारत ने कनाडा के मॉन्ट्रियल में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (कॉप 15) में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक नया और समर्पित कोष बनाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण जिम्मेदारियों व क्षमताओं पर आधारित होना चाहिए, क्योंकि जलवायु परिवर्तन जैव विविधता को भी प्रभावित करता है। जैव विविधता के संरक्षण के लक्ष्यों को लागू करने का ज्यादा बोझ विकासशील देशों पर पड़ता है।
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इसलिए फौरन नए फंड की है जरूरत
भारत सहित 196 देशों के प्रतिनिधि सात दिसंबर से शुरू हुए संयुक्त राष्ट्र के जैवविविधता शिखर सम्मेलन (कॉप 15) में नई वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा (जीबीएफ) पर वार्ता को अंतिम रूप देने की उम्मीद से एकत्रित हुए हैं। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विकासशील देशों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक नया और समर्पित तंत्र बनाने की आवश्यकता है। ऐसी निधि जल्द से जल्द बनाई जानी चाहिए, ताकि सभी देश 2020 के बाद जीबीएफ का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कर सकें।