दिल्ली के कीर्ति नगर में पेट्रोलिंग पर निकले एक पुलिसवाले को दो आदमियों और दो औरतों ने इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने उन्हें शराब पीने से मना कर दिया था। एक आरोपी दिव्यांग था जिसने अपनी बैसाखी से पुलिसवाले को तब तक पीटा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। दो टीनेजर्स जोकि दिल्ली पुलिस द्वारा संचालित की जाने वाली युवा स्कीम में नामांकित थे उन्होंने पुलिसवाले की अपने ट्रेनर के तौर पर पहचान की और उसे बचाने के लिए दौड़े।
यह घटना शुक्रवार रात की है जब
पुलिसवाला पेट्रोलिंग करते हुए वाहन चोरों की तलाश कर रहा था। उसे एक बाथरुम के सामने जोड़ा जोर-जोर से बातें करते हुए और शराब पीते हुए दिखाई दिया। पीड़ित कांस्टेबल राम स्वरूप ने बताया, 'वहां से गुजरने वाले कुछ बुजुर्गों ने उनके व्यवहार को लेकर टिप्पणी की लेकिन उन्होंने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया। मैंने उन्हें चुप होने के लिए कहा जब उन्होंने मना कर दिया तो मैंने कहा कि अपने घर जाओ और वहां
दारू पियो।'
पुलिसवाले ने बताया, 'पहले तो शख्स ने मुझे गालियां दी और फिर हमला करने की धमकी। उन आदमियों ने बहुत ज्यादा पी रखी थी। जब मैंने उन्हें शांति से वहां से चले जाने को कहा तो दिव्यांग ने अपनी बैसाखी से हमला कर दिया। उसने मेरी गर्दन पर वार किया जिसकी वजह से मैं नीचे गिर गया।' पुलिसवाले को नीचे गिरा हुआ देखकर उसने चिल्लाना शुरू कर दिया और कुछ आदमी और दो महिलाएं वहां इकट्ठा हो गईं जिन्होंने स्वरूप को पीटना शुरू कर दिया।
महिलाओं की उपस्थिति की वजह से स्वरूप ने उनपर वार नहीं किया और वह इसी का फायदा उठाकर उसे पीटते रहे। इससे पहले कि पुलिसवाला अपनी मदद के लिए किसी को बुलाता जिन दो लड़कों को उसने कीर्ति नगर पुलिस स्टेशन में ट्रेनिंग दी थी, उन्होंने उसे पहचान लिया और उन्हें भगा दिया। इसके बाद पीसीआर को फोन किया गया। जिसके बाद एंबुलेंस को फोन किया गया। घायल कांस्टेबल दीन दयाल उपाध्याय में भर्ती है। आरोपियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।