प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के स्थायी समाधान के लिए संविधान के दायरे के भीतर रहकर बातचीत का रास्ता निकालने का संकेत दिया है। घाटी के मौजूदा बिगड़े हालात पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंसा में जो भी शख्स मारा जा रहा है वह अपना, देश का ही हिस्सा है।
44 दिन के बिगड़े हालात पर कश्मीर केविपक्षी दलों के नेताओं से हुई मुलाकात में प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंसा में मारे जाने वाले युवक, सुरक्षा और पुलिस कर्मी हमारे बीच के ही हैं।
नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) नेता और राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अबदुल्ला की अगुवाई में आए विपक्षी दल ने पीएम से प्रदर्शनकारियों पर पिलेट गन के इस्तेमाल तुरंत रोकने की मांग की।