विपक्ष के 12 सांसदों के निलंबन को लेकर संसद का शीत सत्र समाप्त होने के बाद अब सदन के बाहर भी सियासी घमासान जारी है। रविवार को केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी और राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।
मंत्री जोशी ने रविवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर पिछले मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे का एक वीडियो पोस्ट किया। इसी हंगामे के कारण विपक्ष के 12 सांसदों को निलंबित किया गया था। जोशी ने यह वीडियो जयराम रमेश को टैग करते हुए लिखा 'जन प्रतिनिधि के रूप में सांसदों का यह कर्तव्य है कि वे अध्यक्ष का सम्मान करें और उनके पद के अनुकूल व्यवहार करें।'
जोशी ने लिखा कि रमेश के सहयोगी सांसदों ने बहस की बजाए हंगामा किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि क्योंकि पूरा देश उनकी सरेआम गुंडागर्दी को देख रहा था। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने हमेशा कहा कि यदि ये 12 सांसद माफी मांग लें तो वह निलंबन वापस लेने को तैयार है, लेकिन इसके बजाए वे अपने व्यवहार को उचित ठहराते रहे।
राहुल गांधी को खुश करने के लिए ऐसा किया
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा, 'RaGa (राहुल गांधी) को खुश करने के लिए आपको अपना तरीका नहीं बदलना चाहिए। उन्हें बताइये कि सम्मान हासिल किया जाता है, मांगा नहीं जाता। गलती होना मानवीय है, लेकिन इसे बार-बार सही ठहराना मूर्खतापूर्ण है।'
रमेश ने मोदी को 'झूठ का जगतगुरु' बताया
मंत्री जोशी के टिप्पणियों कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उसी अंदाज में पलटवार करते हुए कहा, 'आपको भी NaMo (नरेंद्र मोदी), जो कि स्वयं झूठ के जगतगुरु हैं, को खुश करने के लिए झूठ फैलाने के वास्ते अपना तरीका नहीं बदलना चाहिए। मैंने जो सदन में कहा वही दोहरा रहा हूं कि यदि सरकार का रवैया उदार है तो विपक्ष उत्तरदायी बनने को तैयार है।' कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि संसद चले, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वीडियो जारी करने के लिए जोशी पर निशाना साधते हुए रमेश ने कहा कि यह कोई कानूनी चीज नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि उस दिन राज्यसभा की लॉबी में दिल्ली पुलिस के जवान क्यों मौजूद थे, जबकि वहां सिर्फ राज्यसभा के सुरक्षाकर्मियों को ही मौजूद रहने की इजाजत है, ताकि सदन के चेंबर्स और लॉबी में सुरक्षा कायम रखी जा सके। उन्होंने राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू को विपक्ष के नेता द्वारा लिखा पत्र भी ट्वीट किया।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में विपक्ष के 12 सदस्यों को हालिया शीत सत्र के पहले ही दिन पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। सरकार द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर यह कार्रवाई की गई थी। सत्र के अंतिम दिन तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन को भी निलंबित कर दिया गया था। इस कारण विपक्ष ने शीत सत्र के दौरान लगातार हंगामा किया था।