वहीं, इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'एक झटका देने वाले घटनाक्रम में भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी की तस्वीर का अनावरण कर दिया। बंगाल भाजपा ने राज्य की संस्कृति और प्रतीकों को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।'
एक अन्य यूजर ने लिखा, इस देश में ऐसी स्थिति हो गई है। देश के राष्ट्रपति ने एक आधिकारिक तस्वीर का राष्ट्रपति भवन में अनावरण किया, यकीन मानिए ये तस्वीर प्रोसेनजीत चटर्जी की है न कि नेता जी की। उन्होंने (प्रोसेनजीत) श्रीजीत मुखर्जी की फिल्म गुमनामी में नेताजी का किरदार निभाया था। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, कि वह (राष्ट्रपति) एक पड़े-लिखे व्यक्ति हैं। मुझे लगता है कि यह गलतफहमी से हुआ होगा।
दूसरी ओर, एक समाचार चैनल के कार्यकारी संपादक अखिलेश शर्मा ने ट्वीट किया, 'कहानी फोटो की। सोशल मीडिया पर लोग हंगामा कर रहे हैं कि राष्ट्रपति भवन में नेताजी का चित्र अभिनेता प्रसनजीत के चित्र पर आधारित है। जबकि यह चित्र नेताजी के एक ऐसे चित्र पर बनाया गया जो पद्मश्री विजेता परेश मेटी को नेताजी के परिवार वालों ने दिया था। जबर्दस्ती का हंगामा।'